अर्धवार्षिक परीक्षा — हिंदी 'अ' (SQP 2026-27 ढाँचा)
कुल अंक: 80  |  समय: 3 घंटे मिनट
पाठ्यक्रम — क्षितिज भाग 2 के पद, राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद, आत्मकथ्य, नेताजी का चश्मा, बालगोबिन भगत, लखनवी अंदाज़ तथा कृतिका भाग 2 के माता का आँचल, साना-साना हाथ जोड़ि; संपूर्ण व्याकरण, अपठित बोध एवं रचनात्मक लेखन। इस प्रश्नपत्र में कुल 15 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रश्नपत्र चार खंडों में बँटा है — क, ख, ग और घ। खंड क में अपठित बोध पर आधारित 2 प्रश्न हैं, जिनमें कुल 10 उप-प्रश्न हैं। खंड ख में व्यावहारिक व्याकरण पर आधारित 4 प्रश्न हैं, जिनमें विकल्प दिए गए हैं। खंड ग में पाठ्यपुस्तक और पूरक पाठ्यपुस्तक पर आधारित 5 प्रश्न हैं, जिनमें विकल्प दिए गए हैं। खंड घ में रचनात्मक लेखन पर आधारित 4 प्रश्न हैं, जिनमें आंतरिक विकल्प दिए गए हैं। प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों के अनुसार और यथासंभव क्रमशः लिखिए।
खंड – क (अपठित बोध) — 14 अंक
1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए — (प्रश्न I से III, 1×3=3 अंक; प्रश्न IV और V, 2×2=4 अंक)
हम अक्सर सोचते हैं कि बड़े परिवर्तन बड़े लोगों के बड़े कामों से ही होते हैं। पर सच यह है कि समाज की असली तस्वीर छोटे-छोटे कामों से बनती है। सड़क पर पड़ा केला का छिलका उठाकर कूड़ेदान में डाल देना, किसी बुज़ुर्ग को सड़क पार करा देना, कतार में धैर्य से अपनी बारी की प्रतीक्षा करना — ये काम देखने में मामूली हैं, पर इनसे ही एक सभ्य नागरिक की पहचान होती है। जापान जैसे देशों में बच्चे बचपन से ही विद्यालय की सफ़ाई स्वयं करते हैं; इससे उनमें श्रम के प्रति सम्मान और सार्वजनिक संपत्ति के प्रति ज़िम्मेदारी विकसित होती है। हमारे यहाँ भी 'स्वच्छता अभियान' तभी सफल होगा जब हर व्यक्ति इसे सरकार का नहीं, अपना काम माने। नागरिकता केवल अधिकार माँगने का नाम नहीं; कर्तव्यों का पालन ही अधिकारों को अर्थ देता है। जिस दिन हम दूसरों से पहले स्वयं से शुरुआत करना सीख लेंगे, उस दिन परिवर्तन के लिए किसी की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। [7 अंक]
2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए — (प्रश्न I से III, 1×3=3 अंक; प्रश्न IV और V, 2×2=4 अंक)
गाँव की पगडंडी बोली, / मुझको भी याद करो,
कभी तुम्हारे नंगे पाँवों ने / मुझ पर था खेल रचा।
अब तो पक्की सड़कें आईं, / दौड़ रही हैं गाड़ियाँ,
पर मेरे दोनों ओर अभी भी / झूम रहीं हैं बालियाँ।
शहर गए हो, जाओ लेकिन / जड़ से नाता मत तोड़ो,
जिस मिट्टी में बचपन खेला, / उसको यूँ ही मत छोड़ो।
 [7 अंक]
खंड – ख (व्यावहारिक व्याकरण) — 16 अंक
3. निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए —
(I) जो बालक मैदान में खेल रहा है, वह मेरा भाई है। (संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)
(II) ज्यों ही बिजली कड़की, बच्चे डर गए। (रचना के आधार पर वाक्य भेद लिखिए)
(III) 'वर्षा हुई परंतु गर्मी कम नहीं हुई।' (रचना के आधार पर वाक्य भेद लिखिए)
(IV) उसने अपनी गलती मान ली। (मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)
(V) सब जानते हैं कि गंगा पवित्र नदी है। (आश्रित उपवाक्य 'कि गंगा पवित्र नदी है' का भेद लिखिए) [4 अंक]
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