पाठ 5: दोस्त की मदद — सार, शब्दार्थ और प्रश्न उत्तर
कक्षा 1 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'रिमझिम भाग 1' का पाठ 5 'दोस्त की मदद' (कहानी)। यहाँ इस पाठ की पुस्तक, वर्कशीट के साथ सार, शब्दार्थ और प्रश्न उत्तर दिए गए हैं।
लेखक: ज्ञान आर्काइव अद्यतन: 1 नवंबर 2026
इस पाठ की सामग्री
पाठ का सार
'दोस्त की मदद' एक कछुए और लोमड़ी की दोस्ती की कहानी है। एक तालाब में एक कछुआ रहता था और पास की माँद में एक लोमड़ी। दोनों में गहरी दोस्ती थी। एक दिन जब वे तालाब किनारे गपशप कर रहे थे, तभी वहाँ एक तेंदुआ आ गया। लोमड़ी तो दौड़कर अपनी माँद में छिप गई, पर कछुआ अपनी धीमी चाल के कारण तालाब तक नहीं पहुँच सका। तेंदुए ने कछुए को मुँह में पकड़ लिया और पेड़ के नीचे ले जाकर खाने की कोशिश की, पर कछुए के सख्त खोल पर उसके दाँतों और नाखूनों से खरोंच तक नहीं आई।
लोमड़ी ने अपने दोस्त को बचाने की तरकीब सोची। उसने भोलेपन से तेंदुए से कहा कि कछुए का खोल तोड़ने का आसान तरीका है — उसे पानी में फेंक दो, थोड़ी देर में खोल नरम हो जाएगा। मूर्ख तेंदुए ने बात मान ली और कछुए को पानी में फेंक दिया। बस फिर क्या था, कछुआ पानी में चला गया और बच गया। कहानी सिखाती है कि सच्चा दोस्त मुसीबत में अपनी समझदारी से मदद करता है, और बुद्धि ताकत से बड़ी होती है।
पाठ के मुख्य बिंदु
- कछुआ तालाब में और लोमड़ी पास की माँद में रहती थी; दोनों दोस्त थे।
- तेंदुए को देखकर लोमड़ी माँद में भाग गई, पर कछुआ धीमी चाल के कारण पकड़ा गया।
- कछुए का खोल इतना सख्त था कि तेंदुआ उसे तोड़ नहीं पाया।
- लोमड़ी ने चालाकी से तेंदुए को कछुए को पानी में फेंकने की सलाह दी।
- तेंदुए की मूर्खता से कछुआ पानी में पहुँचकर बच गया।
कठिन शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| माँद | जंगली जानवरों के रहने की गुफा या बिल |
| गपशप | इधर-उधर की बातें |
| सरपट | बहुत तेज़ी से |
| छलाँग | लंबी कूद |
| सख्त | कड़ा, कठोर |
| खोल | कछुए की पीठ का कड़ा ढक्कन |
| तरकीब | उपाय, युक्ति |
| भोलापन | सीधापन, मासूमियत |
| आज़माकर | करके देखकर |
| मूर्खता | बेवकूफ़ी |
पाठ के प्रश्न-उत्तर
कहानी से
लोमड़ी ने कछुए को बचाने का क्या उपाय सोचा? परीक्षा में महत्वपूर्ण
उत्तर — लोमड़ी ने तेंदुए से भोलेपन से कहा कि कछुए को पानी में फेंक दो, थोड़ी देर में पानी से उसका खोल नरम हो जाएगा और तुम उसे आसानी से तोड़ सकोगे। इस तरह उसने कछुए को पानी तक पहुँचाने का उपाय सोचा।
तेंदुए ने क्या मूर्खता की?
उत्तर — तेंदुए ने लोमड़ी की बात पर बिना सोचे-समझे विश्वास कर लिया और कछुए को पानी में फेंक दिया। यही उसकी मूर्खता थी।
तेंदुए की इस मूर्खता से कछुए को क्या फ़ायदा हुआ? परीक्षा में महत्वपूर्ण
उत्तर — तेंदुए की मूर्खता से कछुआ पानी में पहुँच गया और उसकी जान बच गई।
गपशप
जब तेंदुआ आया तब कछुआ और लोमड़ी गपशप कर रहे थे। सोचो वे क्या बातें कर रहे होंगे? यह तुम अपने दोस्त के साथ मिलकर सोचो। सोची गई गपशप पर तुम नाटक भी कर सकते हो।
उत्तर — (नमूना)
लोमड़ी — कछुए भाई, आज तालाब का पानी कितना साफ़ लग रहा है!
कछुआ — हाँ बहन, कल बारिश हुई थी न। आज मैंने खूब तैराकी की।
लोमड़ी — मैं तो आज जंगल में बेर ढूँढ़ने गई थी, बहुत मीठे बेर मिले।
कछुआ — कल मुझे भी ले चलना, पर धीरे-धीरे चलना होगा!
(तभी तेंदुआ आ जाता है।)
कछुआ चाल
कछुआ बहुत धीरे-धीरे चलता है। इसलिए जो बहुत धीरे चलता है उसके लिए हम कहते हैं — "वह कछुए की तरह चलता है।" अब बताओ इनके लिए क्या कहेंगे —
उत्तर —
- जो तेज़ भागता हो — वह हिरन (चीते) की तरह भागता है।
- जो बहुत अच्छा तैराक हो — वह मछली की तरह तैरता है।
तुम्हारी समझ से
जब तेंदुए ने कछुए को पकड़ा तब वह क्या सोच रहा होगा?
उत्तर — कछुआ सोच रहा होगा कि काश मैं भी तेज़ दौड़ पाता! अब मैं कैसे बचूँगा? शायद मेरा सख्त खोल मुझे बचा ले।
उसने उस समय किसे याद किया होगा?
उत्तर — उसने उस समय अपनी दोस्त लोमड़ी को और अपने परिवार को याद किया होगा।
खोल जैसा सख्त?
बताओ कछुए के खोल जैसी सख्त चीज़ें और क्या हो सकती हैं?
उत्तर — नारियल का खोल, अखरोट का छिलका, घोंघे का खोल, पत्थर, ईंट, हड्डी।
लोमड़ी ने तेंदुए को कछुए का खोल तोड़ने का आसान तरीका बताया था। क्या तुम नारियल को तोड़ने का तरीका सुझा सकते हो?
उत्तर — पहले नारियल के ऊपर के रेशे (जटा) हटा देते हैं। फिर उसे हथौड़ी से या किसी पत्थर पर बीच की रेखा के पास ठोककर तोड़ा जा सकता है। (नारियल तोड़ते समय किसी बड़े की मदद लेनी चाहिए।)
एक से अनेक
एक कछुआ पानी से बाहर निकल आया। तीन कछुए पानी से बाहर निकल आए। अब नीचे दिए शब्दों को बदलकर लिखो —
| एक | अनेक |
|---|---|
| एक कपड़ा | तीन कपड़े |
| एक रुपया | पंद्रह रुपये |
| एक खंभा | चार खंभे |
| एक पौधा | आठ पौधे |
| एक पतीला | दो पतीले |
| एक संतरा | दस संतरे |
किसकी चाल
बताओ, ऐसे कौन-कौन चलता है?
| चाल | कौन-कौन |
|---|---|
| फुदक-फुदक कर | गौरैया, मेंढक |
| चौकड़ी भरकर | हिरन, खरगोश |
| छलाँग लगाकर | तेंदुआ, बंदर |
| रेंग-रेंग कर | साँप, केंचुआ |
मुलायम-नरम
लोमड़ी ने तेंदुए को बताया था कि पानी में फेंकने से कछुए का खोल मुलायम हो जाएगा। नीचे लिखी चीज़ों में से कौन-कौन सी चीज़ें पानी में फेंकने से मुलायम हो जाएँगी? सही जगह पर लिखो। परीक्षा में महत्वपूर्ण
(कागज़, लकड़ी, गिलास, रोटी, बिस्किट, प्लेट, पत्ता, मोम, रूई, पापड़)
| मुलायम हो जाएँगी | मुलायम नहीं होंगी |
|---|---|
| कागज़, रोटी, बिस्किट, रूई, पापड़ | लकड़ी, गिलास, प्लेट, पत्ता, मोम |
एक और कहानी
एक मगरमच्छ था। वह लोमड़ी को खाना चाहता था। ... मगरमच्छ उस दिन नदी पर लोमड़ी का इंतज़ार करता रहा। पूरी रात काट दी। फिर पता चला कि ...... कहानी को अपने मन से आगे बढ़ाओ। कहानी का अपने मन से कोई नाम रखो।
उत्तर — (नमूना) ...फिर पता चला कि कछुए ने चुपके से लोमड़ी को सब बता दिया था। लोमड़ी उस दिन नदी पर आई ही नहीं, वह दूसरे तालाब से पानी पीकर आराम से अपनी माँद में सो गई। सुबह मगरमच्छ भूखा-प्यासा और थका हुआ वापस लौट गया। उसने समझ लिया कि चालाक लोमड़ी को पकड़ना आसान नहीं है।
कहानी का नाम — "चालाक लोमड़ी और भूखा मगरमच्छ"
परीक्षा-उपयोगी अतिरिक्त प्रश्न
1. कछुआ कहाँ रहता था?
उत्तर — कछुआ एक तालाब में रहता था।
2. लोमड़ी कहाँ रहती थी?
उत्तर — लोमड़ी तालाब के पास एक माँद में रहती थी।
3. कछुआ तालाब तक क्यों नहीं पहुँच सका? परीक्षा में महत्वपूर्ण
उत्तर — कछुआ अपनी धीमी चाल के कारण तालाब तक नहीं पहुँच सका।
4. तेंदुआ कछुए को क्यों नहीं खा पाया?
उत्तर — कछुए का खोल बहुत सख्त था; तेंदुए के दाँतों और नाखूनों से उस पर खरोंच तक नहीं आई।
5. इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है? परीक्षा में महत्वपूर्ण
उत्तर — सच्चा दोस्त मुसीबत में साथ देता है, और समझदारी से बड़ी-से-बड़ी मुसीबत से बचा जा सकता है।
6. सही विकल्प चुनो — लोमड़ी ने कछुए को कहाँ फेंकने को कहा?
(क) पेड़ पर (ख) पानी में (ग) माँद में
उत्तर — (ख) पानी में
