अपठित शब्द का अर्थ है- जो कभी पढ़ा न गया हो। अर्थात अपठित गद्यांश वं गद्द्यांश हैं जिनको छात्रों ने पहले कभी अपनी पाठ्यपुस्तक में पढ़ा नहीं है। अपठित गद्यांश देकर उस पर भाव-बोध संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों के उत्तर छात्रों को उसी गद्यांश के आधार पर देने होते हैं। उत्तर देते समय यह कोशिश होनी चाहिए कि उत्तर में गद्यांश के वाक्यों को जैसा का तैसा न उतारा जाए बल्कि उसमें कही गई बात को अपने शब्दों में व्यक्त किया जाए।
अपठित गद्यांश का उद्देश्य
मूल्यांकन
हेतु अपठित गद्यांश दिए जाने का अर्थ है- विद्यार्थियों का भाव या भाषा-बोध संबंधी
ज्ञान का पता लगाना। अर्थात यह जानना कि छात्र उस गद्यांश की भाषा को समझते हैं
या नहीं। साथ ही इससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता का भी पता चल जाता है।
अपठित गद्यांश हल करते समय ध्यान देने योग्य बातें-
• दिए गए गद्यांश का एक-दो बार मौन वाचन करें और उसे गहराई से
समझने का प्रयास करें। यदि प्रश्नों का प्रारूप बहुविकल्पीय (MCQ) है, तो सारे विकल्पों को ध्यान से पढ़कर ही सबसे उचित विकल्प पर
निशान लगाएँ।
• पहला कदम, सभी प्रश्नों को एक-एक करके पढ़ें और प्रत्येक प्रश्न के
संभावित उत्तर को गद्यांश में तुरंत रेखांकित कर लें।
• उत्तर लेखन प्रारंभ करते समय, लेखक द्वारा कही गई मूल बात को सरल और स्पष्ट भाषा में
छोटे-छोटे वाक्यों में व्यक्त करें। उत्तर लिखते समय गद्यांश के वाक्यों को
ज्यों-का-त्यों न उतारें, बल्कि
अपनी शब्दावली का उपयोग करें।
• शीर्षक देने की आवश्यकता होने पर, किसी रफ़ कागज पर दो-तीन उपयुक्त शीर्षक सोचकर लिखें। इसके
बाद,
उनमें से जो सर्वाधिक उपयुक्त लगे, उसे
उत्तर के रूप में अंतिम रूप दें।
अपठित गद्यांश (class
10 apathit gadyansh) के
उदाहरण (नए पाठ्यक्रम विनिर्देशन के अनुसार)
·
उन्नीसवीं
शताब्दी से पहले मानव और पशु दोनों की आबादी भोजन की उपलब्धता तथा प्राकृतिक
विपदाओं आदि के कारण सीमित रहती थी। कालांतर में जब औद्योगिक क्रांति के कारण मानव
सभ्यता की समृद्धि में भारी वृद्धि हुई तब उसके परिणामस्वरूप कई पश्चिमी देश ऐसी
बाधाओं से लगभग अनिवार्य रूप से मुक्त हो गए। इससे वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया कि
अब मानव जनसंख्या विस्फोटक रूप से बढ़ सकती है। परंतु इन देशों में परिवारों का
औसत आकार घटने लगा था और जल्दी ही समृद्धि और प्रजनन के बीच एक उलटा संबंध प्रकाश
में आ गया था। जीव विज्ञानियों ने मानव समाज की तुलना जानवरों की दुनिया से कर इस
संबंध को समझाने की कोशिश की और कहा कि ऐसे जानवर जिनके अधिक बच्चे होते हैं वे
अधिकतर प्रतिकूल वातावरण में रहते हैं और ये वातावरण प्रायः उनके लिए प्राकृतिक
खतरों से भरे रहते हैं। चूंकि इनकी संतानों के जीवित रहने की संभावना कम होती है
इसलिए कई संतानें पैदा करने से यह संभावना बढ़ जाती है कि उनमें से कम-से-कम एक या
दो जीवित रहेंगी। इसके विपरीत, जिन
जानवरों के बच्चे कम होते हैं वे स्थिर और अनुकूल वातावरण में रहते हैं। ठीक इसी
प्रकार यदि समृद्ध वातावरण में रहने वाले लोग केवल कुछ ही बच्चे पैदा करते हैं तो
उनके ये कम बच्चे उन बच्चों को पछाड़ देंगे. जिनके परिवार इतने समृद्ध नहीं थे तथा
इनकी आपस की प्रतिस्पर्धा भी कम होगी। इस सिद्धांत के आलोचकों का तर्क है कि पशु
और मानव व्यवहार की तुलना नहीं की जा सकती है। वे इसके बजाए यह तर्क देते हैं कि
सामाजिक दृष्टिकोण में परिवर्तन इस घटना को समझाने के लिए पर्याप्त है। श्रम
आश्रित परिवारों में बच्चों की बड़ी संख्या एक वरदान के समान होती है। वे जल्दी
काम कर परिवार की आय बढ़ाते हैं। जैसे-जैसे समाज समृद्ध होता जाता है. वैसे-वैसे
बच्चे जीवन के लगभग पहले 25-30 सालों
तक शिक्षा ग्रहण करते हैं। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में उर्वरता अधिक होती है तथा
देर से विवाह के कारण संतानों की संख्या कम हो जाने की संभावना बनी रहती है। [CBSE
Sample Paper 2020-21]
लघुत्तरीय प्रश्न (कुल 7 प्रश्न)
1. अधिक संतानें किस स्थिति में पैदा की जाती हैं और क्यों? (1 अंक)
2. कथन (A): समृद्ध
समाजों में परिवारों का आकार छोटा होता है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि समृद्ध परिवारों में बच्चे शिक्षा
के लिए लंबे समय तक निर्भर रहते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
3. कथन (A): अधिक
संतानें होना एक वरदान माना जाता है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि बच्चे प्रारंभिक अवस्था से ही शिक्षा में लग जाते
हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
4. औद्योगिक क्रांति के कारण जनसंख्या विस्फोट की संभावना
क्यों बनी? (2 अंक)
5. सीमित बच्चों वाले सिद्धांत के आलोचकों के मतानुसार सामाजिक
दृष्टिकोण में क्या परिवर्तन आया? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (कुल 7 प्रश्न)
1.
निम्नलिखित
में से कौन-सा ऊपर लिखित गद्यांश का प्राथमिक उद्देश्य है?
(क) मानव परिवारों के आकार के संबंध में
दिए गए उस स्पष्टीकरण की आलोचना करना जो पूरी तरह से जानवरों की दुनिया से ली गई
टिप्पणियों पर आधारित है।
(ख) औद्योगिक क्रांति के बाद अपेक्षित
जनसंख्या विस्फोट न होने के कारणों की विवेचना करना।
(ग) औद्योगिक क्रांति से पहले और बाद
में पर्यावरणीय प्रतिबंधों और सामाजिक दृष्टिकोणों से परिवार का आकार कैसे
प्रभावित हुआ, इसका अंतर्संबंध
दर्शाना।
(घ) परिवार का आकार बढ़ी हुई समृद्धि के
साथ घटता है — इस तथ्य को समझने के लिए दो वैकल्पिक सिद्धांत प्रस्तुत करना।
2.
गद्यांश
के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा जनसंख्या विस्फोट के विषय में सत्य है?
(क) पश्चिमी देशों में इसलिए जनसंख्या
विस्फोट नहीं हुआ क्योंकि औद्योगीकरण से प्राप्त समृद्धि ने परिवारों को बच्चों की
शिक्षा की विस्तारित अवधि को वहन करने का सामर्थ्य प्रदान किया था।
(ख) जनसंख्या विस्फोट की यह घटना विश्व
के उन क्षेत्रों तक सीमित है जहाँ औद्योगिक क्रांति नहीं हुई है।
(ग) श्रम आधारित अर्थव्यवस्था में केवल
उद्योग के आधार पर ही परिवार का आकार निर्भर करता है।
(घ) जनसंख्या विस्फोट की भविष्यवाणी
पश्चिमी देशों में औद्योगिक क्रांति के समय जीवित कुछ लोगों द्वारा की गई थी।
3.
अंतिम
अनुच्छेद निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य करता है?
(क) यह पहले अनुच्छेद में वर्णित घटना
के लिए एक वैकल्पिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करता है।
(ख) यह दूसरे अनुच्छेद में प्रस्तुत
स्पष्टीकरण की आलोचना करता है।
(ग) यह वर्णन करता है कि समाज के समृद्ध
होने के साथ सामाजिक दृष्टिकोण कैसे बदलते हैं।
(घ) यह दूसरे अनुच्छेद में प्रस्तुत
घटना की व्याख्या करता है।
4.
गद्यांश
में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख औद्योगिक देशों में औसत परिवार का आकार हाल ही
में गिरने के एक संभावित कारण के रूप में नहीं किया गया है?
(क) शिक्षा की विस्तारित अवधि।
(ख) पहले की अपेक्षा देरी से विवाह
करना।
(ग) बदला हुआ सामाजिक दृष्टिकोण।
(घ) औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में
मजदूरों की बढ़ती माँग।
5.
गद्यांश
में दी गई कौन-सी जानकारी बताती है कि निम्नलिखित में से किस जानवर के कई बच्चे
होने की संभावना है?
(क) एक विशाल शाकाहारी जो घास के
मैदानों में रहता है और अपनी संतानों की भरसक सुरक्षा करता है।
(ख) एक सर्वभक्षी जिसकी आबादी कई छोटे
द्वीपों तक सीमित है और जिसे मानव अतिक्रमण से खतरा है।
(ग) एक मांसाहारी जिसका कोई प्राकृतिक
शिकारी नहीं है, लेकिन उसे भोजन की
आपूर्ति बनाए रखने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
(घ) एक ऐसा जीव जो मैदानों और झीलों में
कई प्राणियों का शिकार बनता है।
कथन और कारण (Assertion-Reasoning)
प्रश्न
6. कथन (A): औद्योगिक क्रांति के बाद मानव समाज की समृद्धि में वृद्धि
हुई।
कारण (R): औद्योगीकरण से समाज प्राकृतिक विपदाओं से पूरी तरह मुक्त हो
गया।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
7. कथन (A): प्रजनन और समृद्धि के बीच उल्टा संबंध देखा गया।
कारण (R): समृद्ध परिवारों में विवाह देर से होता है और शिक्षा अधिक
समय लेती है।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न:
1.
प्रतिकूल
वातावरण में रहने वाले जानवरों के बच्चों के जीवित रहने की संभावना कम होती है, इसलिए वे अधिक संतानें पैदा करते हैं।
2.
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
3.
(ग) A सही है पर R गलत है।
4.
औद्योगिक
क्रांति के कारण कई देश प्राकृतिक बाधाओं से मुक्त हो गए, जिससे यह माना गया कि आबादी तेजी से बढ़ सकती है।
5.
जैसे-जैसे
समाज समृद्ध होता गया, बच्चों
को अधिक समय तक शिक्षा की आवश्यकता पड़ने लगी और कम संतानें एक आदर्श बन गईं।
बहुविकल्पीय प्रश्न:
1.
(घ)
2.
(घ)
3.
(क)
4.
(घ)
5.
(घ)
6.
(ग)
7.
(क)
·
विज्ञान-शिक्षण
के पक्षधरों ने कल्पना की थी कि शिक्षा में इसकी शुरुआत पारंपरिकता, कृत्रिमता और पिछड़ेपन को दूर करेगी। यह सोच पुराने समय से
चली आ रही ‘तथ्य प्रचुर पाठ्यचर्या’, जिसके अंतर्गत आलोचना, चुनौती, सृजनात्मकता
व विवेचनात्मकता का अभाव था, आदि
के कारण पैदा हो रही थी। मानवतावादियों ने सोचा था कि वैज्ञानिक पद्धति मध्यकालीन
मतवाद के अंधविश्वासों को जड़ से मिटा देगी। किंतु हमारे शिक्षकों ने रासायनिक
प्रतिक्रियाओं की समझ को भी प्रेमचंद की कहानियों की तरह केवल पढ़ा व रटाकर उन्हें
नीरस बना दिया। शिक्षा में विज्ञान-शिक्षण सम्मिलित करने के लिए यह तर्क दिया गया
था कि इससे बच्चे विज्ञान की खोजों से परिचित हो सकेंगे तथा अपने वास्तविक जीवन
में घट रही घटनाओं के बारे में कुछ सीखेंगे। वे वैज्ञानिक विधि का अध्ययन कर
तार्किक रूप से कैसे सोचना है, के
कौशल में पारंगत होंगे। इन उद्देश्यों में से केवल पहले ही में एक सीमित सफलता
मिली है। दूसरे व तीसरे में व्यावहारिक रूप से बच्चे कुछ भी नहीं प्राप्त कर पा
रहे हैं। अधिकतर बच्चों से भौतिकी और रसायन विज्ञान के तथ्यों के बारे में कुछ
जानने की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन
ये शायद ही जानते हों कि उनका कंप्यूटर अथवा कार का इंजन कैसे कार्य करता है अथवा
क्यों उनको माता जी सब्जी पकाने के लिए उसे छोटे टुकड़ों में काटती हैं। जबकि
वैज्ञानिक पद्धति में रुचि रखने वाले किसी भी उज्जवल लड़के को ये बातें सहज रूप से
ही ज्ञात हो जाती हैं। वैज्ञानिक पद्धति की शिक्षा अधिकांश विद्यालयों में भली
प्रकार से नहीं दी जा रही है। दरअसल शिक्षकों ने अपनी सुविधा और परीक्षा-केंद्रित
सोच के कारण यह सुनिश्चित कर लिया है कि छात्र वैज्ञानिक पद्धति न सीखकर ठीक इसका
उलटा सीखें, अर्थात वे जो बताएँ
उस पर आँख मूँदकर विश्वास करें और पूछे जाने पर उसे जस-का-तस परीक्षा में लिख दें।
वैज्ञानिक पद्धति को आत्मसात करने के लिए लंबे व्यक्तिगत अनुभव तथा परिश्रम व
धैर्य पर आधारित वैज्ञानिक मूल्यों की आवश्यकता होती है। और जब तक इसे संभव बनाने
के लिए शैक्षिक या सामाजिक प्रणालियों को नहीं बदला जाएगा, वैज्ञानिक तकनीक में सक्षम केवल कुछ बच्चे ही सामने आएँगे
तथा इन तकनीकों को आगे विकसित करने वालों की संख्या इसका भी अंश मात्र ही होगी।
लघुत्तरीय प्रश्न (कुल 7 अंक)
1.
शिक्षकों
ने रासायनिक प्रतिक्रियाओं को किसके समान बना दिया और क्यों? (1 अंक)
2.
कथन (A):
बच्चों में तार्किक सोच विकसित करना विज्ञान-शिक्षा का
उद्देश्य है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि विज्ञान शिक्षण से बच्चे अपने जीवन की घटनाओं को
समझने लगते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
3.
कथन (A):
अधिकतर बच्चे वैज्ञानिक पद्धति को व्यावहारिक रूप से
आत्मसात नहीं कर पाते। (1 अंक)
कारण (R): शिक्षक केवल रटने और परीक्षा के दृष्टिकोण से पढ़ाते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
4.
लेखक के
अनुसार विज्ञान की पढ़ाई का व्यावहारिक लाभ बच्चों को क्यों नहीं मिल पा रहा है? (2 अंक)
5.
वैज्ञानिक
पद्धति को आत्मसात करने के लिए किन बातों की आवश्यकता है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
लेखक का
तात्पर्य है कि शिक्षकों ने—
(क) विज्ञान शिक्षा को लागू करने के
प्रयासों को सफल बनाया है।
(ख) विज्ञान शिक्षा को लागू करने के
प्रयासों को विफल किया है।
(ग) बच्चों को अनुभव आधारित ज्ञान
प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है।
(घ) मानवतावादियों का समर्थन करते हुए
कार्य किया है।
2.
स्कूल
शिक्षा में विज्ञान शिक्षण के प्रति लेखक का क्या रवैया है?
(क) तटस्थ
(ख) सकारात्मक
(ग) व्यंग्यात्मक
(घ) नकारात्मक
3.
विज्ञान-शिक्षण
के पक्षधरों का मानना था कि विज्ञान-शिक्षण—
(क) पारंपरिकता को दूर करेगा।
(ख) कृत्रिमता को दूर करेगा।
(ग) पिछड़ेपन को दूर करेगा।
(घ) उपर्युक्त सभी को दूर करेगा।
4.
लेखक
वैज्ञानिक पद्धति को लागू करने में विफलता के लिए निम्नलिखित में से किस कारक को
सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराता है?
(क) शिक्षक
(ख) परीक्षा के तरीके
(ग) प्रत्यक्ष अनुभव की कमी
(घ) सामाजिक और शिक्षा प्रणाली
5.
यदि लेखक
वर्तमान समय में आकर विज्ञान शिक्षण का प्रभाव सुनिश्चित करना चाहे तो निम्नलिखित
में से किस प्रश्न के उत्तर में दिलचस्पी लेगा?
(क) क्या छात्र दुनिया के बारे में अधिक
जानते हैं?
(ख) क्या छात्र प्रयोगशालाओं में अधिक
समय बिताते हैं?
(ग) क्या छात्र अपने ज्ञान को तार्किक
रूप से लागू कर सकते हैं?
(घ) क्या पाठ्यपुस्तकों में तथ्याधारित
सामग्री बढ़ी है?
कथन और कारण (Assertion-Reasoning)
प्रश्न
6.
कथन (A): शिक्षकों ने विज्ञान को भी रटने और याद करने योग्य विषय बना
दिया है।
कारण (R): क्योंकि शिक्षकों ने छात्रों को परीक्षा में नंबर लाने हेतु
पढ़ाना प्राथमिकता बना लिया है।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
7.
कथन (A): वैज्ञानिक सोच विकसित करना शिक्षा का मूल उद्देश्य है।
कारण (R): केवल तथ्यों को रटना ही शिक्षा की प्राथमिकता होनी चाहिए।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न:
1.
शिक्षकों
ने रासायनिक प्रक्रियाओं को प्रेमचंद की कहानियों की तरह नीरस बना दिया है क्योंकि
वे केवल रटाकर पढ़ाते हैं।
2.
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
3.
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
4.
क्योंकि
शिक्षक परीक्षा-केंद्रित पढ़ाई पर जोर देते हैं और बच्चों को वास्तविक जीवन से
जोड़ने वाली वैज्ञानिक पद्धति सिखाने का प्रयास नहीं करते।
5.
व्यक्तिगत
अनुभव,
परिश्रम, धैर्य
तथा वैज्ञानिक मूल्यों को अपनाना आवश्यक है।
बहुविकल्पीय प्रश्न:
1.
(ख)
2.
(घ)
3.
(घ)
4.
(क)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(ग)
·
लोकतंत्र
के मूलभूत तत्व को समझा नहीं गया है और इसलिए लोग समझते हैं कि सब कुछ सरकार कर
देगी,
हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। लोगों में अपनी पहल से
जिम्मेदारी उठाने और निभाने का संस्कार विकसित नहीं हो पाया है। फलस्वरूप देश की
विशाल मानव-शक्ति अभी खर्राटे लेती पड़ी है और देश की पूँजी उपयोगी बनने के बदले
आज बोझ बन बैठी है। लेकिन उसे नींद से झकझोर कर जागृत करना है। किसी भी देश को
महान बनाते हैं, उसमें रहने वाले लोग।
लेकिन अभी हमारे देश के नागरिक अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे हैं। चाहे सड़क पर
चलने की बात हो अथवा साफ-सफाई की बातें हों, जहाँ-तहाँ हम लोगों को गंदगी फैलाते और बेतरतीब ढंग से वाहन
चलाते देख सकते हैं। फिर चाहते हैं कि सब कुछ सरकार ठीक कर दे। सरकार ने बहुत सारे
कार्य किए हैं, इसे अस्वीकार नहीं
किया जा सकता है। वैज्ञानिक प्रयोगशालाएँ खोली हैं, विशाल बाँध बनवाए हैं, फौलाद के कारखाने खोले हैं आदि-आदि बहुत सारे काम सरकार के
द्वारा हुए हैं। पर अभी करोड़ों लोगों को कार्य में प्रेरित नहीं किया जा सका है।
वास्तव में होना तो यह चाहिए कि लोग अपनी सूझ-बूझ के साथ अपनी आंतरिक शक्ति के बल
पर खड़े हों और अपने पास जो कुछ साधन सामग्री हो, उसे लेकर कुछ करना शुरू कर दें और फिर सरकार उसमें आवश्यक
मदद करे। उदाहरण के लिए, गाँव
वाले बड़ी-बड़ी पंचवर्षीय योजनाएँ नहीं समझ सकेंगे, पर वे लोग यह बात जरूर समझ सकेंगे कि अपने गाँव में कहाँ
कुआँ चाहिए, कहाँ सिंचाई की जरूरत
है,
कहाँ पुल की आवश्यकता है। बाहर के लोग इन सब बातों से
अनभिज्ञ होते हैं।
लघुत्तरीय प्रश्न (कुल 7 अंक)
1.
लोकतंत्र
में नागरिकों की जिम्मेदारी न निभाने से क्या प्रभाव पड़ा है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी
चाहिए। (1
अंक)
कारण (R): नागरिकों द्वारा जिम्मेदारियों का वहन करने से देश की
मानव-शक्ति जागृत होती है।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
3.
कथन (A):
नागरिक साफ-सफाई और सड़क व्यवहार में लापरवाही बरतते हैं। (1 अंक)
कारण (R): वे यह मानते हैं कि सरकार ही सारी समस्याओं का समाधान
करेगी।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
4.
लेखक के
अनुसार वास्तव में लोगों से क्या अपेक्षित होना चाहिए? (2 अंक)
5.
सरकार की
योजनाओं की सीमाएँ ग्रामीण जीवन के किस पक्ष में स्पष्ट होती हैं? (2 अंक)
कथन और कारण (Assertion-Reasoning)
प्रश्न
6.
कथन (A): लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी
चाहिए।
कारण (R): नागरिकों द्वारा जिम्मेदारियों का वहन करने से देश की
मानव-शक्ति जागृत होती है।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
7.
कथन (A): नागरिक साफ-सफाई और सड़क व्यवहार में लापरवाही बरतते हैं।
कारण (R): वे यह मानते हैं कि सरकार ही सारी समस्याओं का समाधान
करेगी।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
लोकतंत्र
का मूलभूत तत्व है—
(क) कर्तव्य-पालन
(ख) लोगों का राज्य
(ग) चुनाव
(घ) जनमत
2.
किसी देश
की महानता निर्भर करती है—
(क) वहाँ की सरकार पर
(ख) वहाँ के निवासियों पर
(ग) वहाँ के इतिहास पर
(घ) वहाँ की पूँजी पर
3.
सरकार के
कामों के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है—
(क) वैज्ञानिक प्रयोगशालाएँ बनवाई हैं।
(ख) विशाल बाँध बनवाए हैं।
(ग) वाहन चालकों को सुधारा है।
(घ) फौलाद के कारखाने खोले हैं।
4.
सरकारी
व्यवस्था में किस कमी की ओर लेखक ने संकेत किया है?
(क) गाँव से जुड़ी समस्याओं के निदान
में ग्रामीणों की भूमिका को नकारना
(ख) योजनाएँ ठीक से न बनाना
(ग) आधुनिक जानकारी का अभाव
(घ) जमीन से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान
न देना
5.
‘झकझोरकर
जागृत करना’ का भाव गद्यांश के अनुसार होगा—
(क) नींद से जगाना
(ख) सोने न देना
(ग) जिम्मेदारी निभाना
(घ) जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करना
कथन और कारण (Assertion-Reasoning)
प्रश्न
6.
कथन (A): देश की पूँजी उपयोगी बनकर योगदान दे रही है।
कारण (R): नागरिक अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा रहे हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
7.
कथन (A): नागरिक अपनी आंतरिक शक्ति और सूझ-बूझ के बल पर खड़े हो सकते
हैं।
कारण (R): ग्रामीण लोग अपने गाँव की आवश्यकताओं को भली-भाँति समझते
हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
देश की
विशाल मानव-शक्ति खर्राटे लेती पड़ी है और पूँजी उपयोगी बनने के बजाय बोझ बन गई
है।
2.
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
3.
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
4.
लोगों को
अपनी सूझ-बूझ और आंतरिक शक्ति के बल पर उपलब्ध संसाधनों से कार्य प्रारंभ करना
चाहिए,
सरकार को केवल आवश्यक सहयोग देना चाहिए।
5.
ग्रामीण
यह तो समझ सकते हैं कि उनके गाँव में कहाँ कुआँ, पुल या सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन वे पंचवर्षीय योजनाएँ नहीं समझ सकते।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(क)
2.
(ख)
3.
(ग)
4.
(क)
5.
(घ)
6.
(घ)
7.
(क)
- हरियाणा के
पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए अब तक के शोध और खुदाई के अनुसार लगभग 5500
हेक्टेयर में फैली यह राजधानी ईसा
से लगभग 3300 वर्ष
पूर्व मौजूद थी। इन प्रमाणों के आधार पर यह तो तय हो गया है कि राखीगढ़ी की
स्थापना उससे भी सैकड़ों वर्ष पूर्व हो चुकी थी। अब तक यही माना जाता रहा है
कि इस समय पाकिस्तान में स्थित हड़प्पा और मोहनजोदड़ो ही सिंधुकालीन सभ्यता
के मुख्य नगर थे। राखीगढ़ी गाँव में खुदाई और शोध का काम रुक-रुककर चल रहा
है। हिसार का यह गाँव दिल्ली से मात्र 150 किलोमीटर की दूरी पर है। पहली बार यहाँ 1963
में खुदाई हुई थी और तब इसे
सिंधु-सरस्वती सभ्यता का सबसे बड़ा नगर माना गया। उस समय के शोधार्थियों ने
सप्रमाण घोषणाएँ की थीं कि यह नगर मोहनजोदड़ो और हड़प्पा से भी बड़ा रहा
होगा। अब सभी शोध विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि राखीगढ़ी भारत-पाकिस्तान और
अफगानिस्तान का आकार और आबादी की दृष्टि से सबसे बड़ा शहर था। प्राप्त
विवरणों के अनुसार समुचित रूप से नियोजित इस शहर की सभी सड़कें 1.92
मीटर चौड़ी थीं। यह चौड़ाई
कालीबंगा की सड़कों से भी ज्यादा है। एक ऐसा बर्तन भी मिला है जो सोने और
चाँदी की परतों से ढका है। इसी स्थल पर एक ‘फाउंड्री’ के भी चिह्न मिले हैं
जहाँ संभवतः सोना ढाला जाता होगा। इसके अलावा टैराकोटा से बनी असंख्य
प्रतिमाएँ, ताँबे
के बर्तन और एक भट्ठी के अवशेष भी मिले हैं। मई 2012
में ‘ग्लोबल हैरिटेज फंड’ ने इसे
एशिया के दस ऐसे विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया है जिनके नष्ट हो जाने
का खतरा है। राखीगढ़ी का पुरातात्विक महत्व विशिष्ट है। इस समय यह क्षेत्र
पूरे विश्व के पुरातत्व विशेषज्ञों की दिलचस्पी और जिज्ञासा का केंद्र बना
हुआ है। यहाँ बहुत से काम बकाया हैं, जो अवशेष मिले हैं उनका समुचित अध्ययन अभी शेष है।
उत्खनन का काम अब भी अधूरा है।
लघुत्तरीय प्रश्न (कुल 7 अंक)
1.
राखीगढ़ी
की खुदाई से कौन-से प्रमुख प्रमाण प्राप्त हुए हैं? (1 अंक)
2.
कथन (A):
राखीगढ़ी की सड़कों की चौड़ाई कालीबंगा से अधिक थी। (1 अंक)
कारण (R): राखीगढ़ी नगर समुचित रूप से नियोजित था।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
3.
कथन (A):
राखीगढ़ी को एशिया के दस विरासत स्थलों में शामिल किया गया
है। (1
अंक)
कारण (R): राखीगढ़ी पूर्ण रूप से संरक्षित और सुरक्षित स्थल है।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
4.
राखीगढ़ी
को हड़प्पा और मोहनजोदड़ो से बड़ा क्यों माना गया है? (2 अंक)
5.
पुरातत्व
विशेषज्ञों की राखीगढ़ी में रुचि का क्या कारण है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
अब
सिंधु-सरस्वती सभ्यता का सबसे बड़ा नगर किसे मानने की संभावनाएँ हैं?
(क) मोहनजोदड़ो
(ख) राखीगढ़ी
(ग) हड़प्पा
(घ) कालीबंगा
2.
राखीगढ़ी
की चौड़ी सड़कों से स्पष्ट होता है कि यहाँ—
(क) यातायात के साधन थे।
(ख) अधिक आबादी थी।
(ग) शहर नियोजित था।
(घ) बड़ा शहर था।
3.
इसे
एशिया के विरासत स्थलों में स्थान मिला, क्योंकि—
(क) इसके नष्ट हो जाने का खतरा है।
(ख) सबसे विकसित सभ्यता है।
(ग) इतिहास में इसका नाम सर्वोपरि है।
(घ) यहाँ विकास की तीन परतें मिली हैं।
4.
पुरातत्व
विशेषज्ञ राखीगढ़ी में विशेष रुचि ले रहे हैं, क्योंकि—
(क) काफी प्राचीन और बड़ी सभ्यता हो
सकती है।
(ख) राखीगढ़ी का पुरातात्विक महत्व
विशिष्ट है।
(ग) इसका समुचित अध्ययन शेष है।
(घ) इसके बारे में अभी-अभी पता लगा है।
5.
गद्यांश
का उपयुक्त शीर्षक होगा—
(क) राखीगढ़ी: एक सभ्यता की संभावना
(ख) सिंधु घाटी की सभ्यता
(ग) विलुप्त सरस्वती की तलाश
(घ) एक विस्तृत शहर राखीगढ़ी
कथन और कारण (Assertion-Reasoning)
प्रश्न
6.
कथन (A): राखीगढ़ी से सोने-चाँदी की परत वाला बर्तन मिला है।
कारण (R): राखीगढ़ी में एक फाउंड्री के चिह्न भी मिले हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
7.
कथन (A): राखीगढ़ी अभी भी विश्व के पुरातत्व विशेषज्ञों के लिए
आकर्षण का केंद्र है।
कारण (R): वहाँ अभी भी बहुत से काम और अध्ययन शेष हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
राखीगढ़ी
से सोने-चाँदी की परत वाला बर्तन, फाउंड्री
के चिह्न,
टैराकोटा प्रतिमाएँ, ताँबे के बर्तन और एक भट्ठी के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
2.
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या है।
3.
(ग) A सही है पर R गलत है।
4.
क्योंकि
विशेषज्ञों के अनुसार राखीगढ़ी का क्षेत्रफल और संरचना दोनों मोहनजोदड़ो और
हड़प्पा से बड़े हैं।
5.
क्योंकि
राखीगढ़ी अब तक की सबसे बड़ी सिंधु-सरस्वती सभ्यता का नगर माना जा रहा है और यहाँ
का अध्ययन अधूरा है।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(क)
4.
(ख)
5.
(क)
6.
(क)
7.
(क)
- भारत में आज भी
अनेक क्षेत्रों में ऐसे लोग हैं जो शिक्षा से वंचित हैं। विशेष रूप से
ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में यह स्थिति अधिक गंभीर है। शिक्षा केवल ज्ञान
प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव और व्यक्ति की आत्मनिर्भरता का
प्रमुख उपकरण भी है। जब कोई व्यक्ति शिक्षित होता है तो वह न केवल अपने जीवन
को बेहतर बनाता है, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा देता है। इसके विपरीत,
अशिक्षा व्यक्ति को अंधविश्वास,
रूढ़ियों और सामाजिक कुरीतियों के
दलदल में फँसाए रखती है। हमारे संविधान में शिक्षा को मूल अधिकार माना गया है,
फिर भी यह अधिकार हर नागरिक तक
पहुँच नहीं सका है। सरकार द्वारा अनेक योजनाएँ चलाई गई हैं जैसे सर्व शिक्षा
अभियान, मध्याह्न
भोजन योजना आदि, लेकिन इन योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक नहीं पहुँच पाया है। इसका कारण
जागरूकता की कमी, संसाधनों की अनुपलब्धता और कभी-कभी प्रशासनिक लापरवाही भी है। बच्चों की
शिक्षा के साथ-साथ महिलाओं की शिक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। यदि एक पुरुष
शिक्षित होता है तो वह केवल स्वयं को शिक्षित करता है,
किंतु जब एक स्त्री शिक्षित होती
है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित बनाती है। महिलाओं को शिक्षित कर समाज को
सशक्त बनाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि हम बालिकाओं की पढ़ाई को
प्राथमिकता दें और उन्हें स्कूल भेजने में कोई कोताही न करें। समय आ गया है
कि हम शिक्षा को केवल सरकारी जिम्मेदारी मानने के बजाय अपनी भी जिम्मेदारी
समझें। हर नागरिक को यह प्रयास करना चाहिए कि उसके आस-पास कोई बच्चा या बच्ची
शिक्षा से वंचित न रहे। जब समाज का हर व्यक्ति इस दिशा में योगदान देगा,
तभी भारत सच्चे अर्थों में
शिक्षित और प्रगतिशील राष्ट्र बन सकेगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (कुल 7 अंक)
1.
अशिक्षा
व्यक्ति को किस प्रकार के जीवन में बाँधे रखती है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है। (1 अंक)
कारण (R): शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग
रहता है।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
3.
कथन (A):
शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी है। (1 अंक)
कारण (R): हर नागरिक को स्वयं भी शिक्षा के प्रसार में योगदान देना
चाहिए।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
4.
शिक्षा
के प्रसार में सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का लाभ सभी तक क्यों नहीं पहुँच पाया
है?
(2 अंक)
5.
महिलाओं
की शिक्षा को समाज की दृष्टि से क्यों अत्यंत आवश्यक माना गया है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (कुल 7 अंक)
1.
शिक्षा
व्यक्ति के जीवन में क्या भूमिका निभाती है?
(क) केवल नौकरी पाने का माध्यम
(ख) समाज को तोड़ने का उपकरण
(ग) आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव का
साधन
(घ) केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने का
साधन
2.
महिलाओं
की शिक्षा का प्रभाव क्या होता है?
(क) केवल स्त्री का विकास होता है
(ख) पूरे परिवार का विकास होता है
(ग) केवल बच्चों पर प्रभाव पड़ता है
(घ) पुरुषों पर कोई प्रभाव नहीं होता
3.
सरकार
द्वारा कौन-सी योजना शिक्षा के क्षेत्र में चलाई गई है?
(क) मनरेगा
(ख) सर्व शिक्षा अभियान
(ग) आयुष्मान भारत
(घ) प्रधानमंत्री आवास योजना
4.
शिक्षा
को किस वर्ग में रखा गया है?
(क) मौलिक अधिकार
(ख) विधिक अधिकार
(ग) सामाजिक अधिकार
(घ) आर्थिक अधिकार
5.
शिक्षा
के प्रसार में बाधा कौन-सा कारण नहीं है?
(क) प्रशासनिक लापरवाही
(ख) संसाधनों की अनुपलब्धता
(ग) शिक्षकों की योग्यता
(घ) जागरूकता की कमी
6.
कथन (A):
हर नागरिक को शिक्षा का प्रयास करना चाहिए।
कारण (R): इससे देश एक प्रगतिशील राष्ट्र बन सकता है।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
केवल पुरुषों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
कारण (R): महिलाएँ शिक्षा के बाद घर नहीं सँभालतीं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
अशिक्षा
व्यक्ति को अंधविश्वास, रूढ़ियों
और सामाजिक कुरीतियों के दलदल में बाँधे रखती है।
2.
(क)
3.
(घ)
4.
जागरूकता
की कमी,
संसाधनों की अनुपलब्धता और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कारणों
से योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक नहीं पहुँच पाया है।
5.
क्योंकि
एक स्त्री शिक्षित होती है तो वह केवल स्वयं को नहीं बल्कि पूरे परिवार को शिक्षित
बनाती है,
जिससे समाज सशक्त बनता है।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ख)
3.
(ख)
4.
(क)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- भारत एक कृषि
प्रधान देश है। यहाँ की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। कृषि न केवल
भोजन और कच्चे माल का प्रमुख स्रोत है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका का माध्यम भी है।
कृषि क्षेत्र का विकास देश की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
स्वतंत्रता के बाद से लेकर अब तक इस क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं – जैसे
हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, सिंचाई परियोजनाएँ, कृषि ऋण योजनाएँ आदि, जिनका उद्देश्य किसानों की स्थिति को बेहतर बनाना और
कृषि उत्पादन में वृद्धि करना रहा है। परंतु आज भी अनेक समस्याएँ इस क्षेत्र
में बनी हुई हैं। सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था न होना,
समय पर खाद और बीज न मिल पाना,
फसलों का उचित मूल्य न मिलना,
बिचौलियों की लूट और प्राकृतिक
आपदाओं से फसल का नष्ट होना – ये सभी किसान की कठिनाइयाँ हैं। इसके अलावा
किसानों में आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी का अभाव और शिक्षा की कमी भी एक
बड़ी समस्या है। परिणामस्वरूप, किसान कर्ज में डूबते चले जाते हैं और कई बार
आत्महत्या जैसे घातक कदम भी उठा लेते हैं। सरकार ने किसानों की मदद के लिए
अनेक योजनाएँ बनाई हैं – जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि,
किसान क्रेडिट कार्ड,
फसल बीमा योजना आदि। परंतु इन
योजनाओं का लाभ कई बार भ्रष्टाचार, अव्यवस्था या जागरूकता की कमी के कारण सभी किसानों तक
नहीं पहुँच पाता। जरूरत इस बात की है कि किसानों को शिक्षित किया जाए,
आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाए
और उन्हें कृषि उत्पादों के उचित मूल्य मिलें। किसानों को केवल सहायता का
पात्र न मानकर राष्ट्र निर्माता के रूप में देखा जाना चाहिए। जब देश का किसान
खुशहाल होगा तभी भारत आत्मनिर्भर और सशक्त बन पाएगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
भारत को
कृषि प्रधान देश क्यों कहा जाता है?
2.
कृषि
क्षेत्र की किन योजनाओं का उल्लेख गद्यांश में हुआ है?
3.
किसानों
को आज भी किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
4.
किसानों
की आत्महत्या का प्रमुख कारण क्या बताया गया है?
5.
किसानों
की समृद्धि से देश को क्या लाभ होगा?
6.
कथन (A):
किसानों की समस्याओं में सिंचाई की कमी एक मुख्य कारण है।
कारण (R): अधिकांश किसान वर्षा पर निर्भर खेती करते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
सरकार की योजनाओं से सभी किसानों को लाभ मिल रहा है।
कारण (R): सभी किसान जागरूक और शिक्षित हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
भारत में
अधिकांश लोग किस पर निर्भर हैं?
(क) उद्योग पर
(ख) व्यापार पर
(ग) कृषि पर
(घ) शिक्षा पर
2.
हरित
क्रांति का मुख्य उद्देश्य था–
(क) सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
(ख) पशुपालन को बढ़ावा
(ग) फसल उत्पादन में वृद्धि
(घ) कृषि भूमि का सीमांकन
3.
किसानों
की आत्महत्या का एक मुख्य कारण है–
(क) शिक्षा की कमी
(ख) ऋण का बोझ
(ग) सरकारी मदद
(घ) अच्छी फसल
4.
किसानों
को जागरूक करने के लिए जरूरी है–
(क) अनुदान देना
(ख) शिक्षा और तकनीकी जानकारी
(ग) बीमा कराना
(घ) मशीन देना
5.
जब किसान
खुशहाल होंगे तो देश–
(क) आत्मनिर्भर होगा
(ख) आर्थिक रूप से पिछड़ेगा
(ग) विदेशों पर निर्भर रहेगा
(घ) शहरीकरण तेजी से बढ़ेगा
6.
कथन (A):
किसानों को सरकार की योजनाओं से लाभ नहीं मिल पाता।
कारण (R): योजनाओं का प्रचार-प्रसार कम होता है और व्यवस्था में
भ्रष्टाचार होता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
कृषि क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता नहीं है।
कारण (R): किसान पहले से ही आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर
1.
क्योंकि
अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।
2.
हरित
क्रांति,
किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना आदि।
3.
सिंचाई
की कमी,
उचित मूल्य न मिलना, कर्ज आदि।
4.
अत्यधिक
कर्ज और प्राकृतिक आपदाएँ।
5.
भारत
आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगा।
6.
(क)
7.
(घ)
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ख)
5.
(क)
6.
(क)
7.
(घ)
- भारत में
महिलाओं की स्थिति में समय के साथ काफी परिवर्तन आया है। एक समय था जब
महिलाएँ केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन आज वे समाज के हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी
सुनिश्चित कर रही हैं। शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी
उपस्थिति सिद्ध की है। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी,
अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना
चावला, और
देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जैसे उदाहरण महिलाओं की शक्ति
का प्रतीक हैं। हालाँकि, आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति उतनी
सशक्त नहीं है जितनी कि होनी चाहिए। अशिक्षा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव जैसी समस्याएँ अब भी उनके विकास में
बाधक हैं। समाज में व्याप्त इन कुरीतियों को दूर करना न केवल महिलाओं के लिए,
बल्कि संपूर्ण देश के विकास के
लिए आवश्यक है। सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएँ आरंभ की
हैं जैसे- ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘उज्ज्वला योजना’, और ‘महिला हेल्पलाइन’ आदि। इसके अलावा कई गैर-सरकारी
संगठन भी इस दिशा में कार्यरत हैं। लेकिन जब तक समाज की सोच में मूलभूत बदलाव
नहीं आएगा, तब
तक इन प्रयासों का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाएगा। महिलाओं को केवल सहानुभूति की
नहीं, समान
अवसरों की आवश्यकता है। उन्हें आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाना ही सच्चे
अर्थों में महिला सशक्तिकरण होगा। जब समाज की आधी आबादी मजबूत होगी तभी
राष्ट्र प्रगति की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
आज
महिलाएँ किन-किन क्षेत्रों में भागीदारी कर रही हैं?
2.
महिला
सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने कौन-सी योजनाएँ चलाई हैं?
3.
ग्रामीण
क्षेत्रों में महिलाओं को कौन-कौन सी समस्याएँ झेलनी पड़ती हैं?
4.
महिला
सशक्तिकरण के लिए समाज में कौन-सा परिवर्तन आवश्यक है?
5.
महिलाओं
को आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी क्यों बनाना चाहिए?
6.
कथन (A): महिला सशक्तिकरण राष्ट्र की प्रगति के लिए आवश्यक है।
कारण (R): महिलाएँ समाज की आधी आबादी होती हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): महिलाएँ केवल घरेलू कार्यों के लिए उपयुक्त होती हैं।
कारण (R): महिलाएँ समाज के निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभा सकतीं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
निम्नलिखित
में से कौन-सी योजना महिला सशक्तिकरण से संबंधित है?
(क) जनधन योजना
(ख) उज्ज्वला योजना
(ग) स्मार्ट सिटी योजना
(घ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
2.
कल्पना
चावला कौन थीं?
(क) भारत की पहली महिला डॉक्टर
(ख) भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री
(ग) अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल
की महिला
(घ) भारत की पहली महिला राष्ट्रपति
3.
ग्रामीण
महिलाओं को आज भी किस कुरीति का सामना करना पड़ता है?
(क) बेरोजगारी
(ख) बाल विवाह
(ग) पलायन
(घ) भ्रष्टाचार
4.
महिला
सशक्तिकरण के लिए सबसे ज़रूरी क्या है?
(क) सरकारी योजनाएँ
(ख) सहानुभूति
(ग) समान अवसर
(घ) अनुशासन
5.
महिलाओं
को आत्मनिर्भर बनाने का लाभ क्या होगा?
(क) वे शिक्षा में आगे आएँगी।
(ख) वे केवल घर का कार्य करेंगी।
(ग) वे किसी की मदद पर निर्भर नहीं
रहेंगी।
(घ) वे शहरों की ओर पलायन करेंगी।
6.
कथन (A): महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब समाज की सोच बदले।
कारण (R): समाज की सोच में बदलाव से महिलाओं को समान अधिकार मिलते
हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): केवल योजनाओं से महिलाओं का विकास संभव है।
कारण (R): महिलाएँ स्वयं निर्णय नहीं ले सकतीं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर
1.
शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, अंतरिक्ष आदि क्षेत्रों में।
2.
बेटी
बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या
समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना आदि।
3.
अशिक्षा, बाल विवाह, दहेज
प्रथा,
लैंगिक भेदभाव आदि।
4.
समाज की
सोच में मूलभूत बदलाव आवश्यक है।
5.
ताकि वे
आत्मसम्मान से जीवन जिएँ और दूसरों पर निर्भर न रहें।
6.
(क)
7.
(घ)
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- जलवायु
परिवर्तन आज के युग की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बन चुका है। इसका प्रभाव
केवल पर्यावरण पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था,
मानव स्वास्थ्य और सामाजिक ढाँचे
पर भी पड़ा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले सौ वर्षों में धरती का औसत
तापमान निरंतर बढ़ा है, जिसके लिए मुख्य रूप से मनुष्य की गतिविधियाँ
ज़िम्मेदार हैं। औद्योगीकरण, अत्यधिक ऊर्जा उपयोग, वनों की अंधाधुंध कटाई, और जीवाश्म ईंधन का बढ़ता उपयोग इसके मुख्य कारण हैं।
पर्यावरणीय असंतुलन का सबसे प्रमुख परिणाम है –
ग्लोबल वॉर्मिंग,
जिसकी वजह से ध्रुवों की बर्फ
तेजी से पिघल रही है। इसके कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और तटीय
क्षेत्रों के डूबने का खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं दूसरी ओर,
अनेक क्षेत्रों में अत्यधिक सूखा
और जल संकट उत्पन्न हो चुका है। बदलते मौसम के कारण फसलें प्रभावित हो रही
हैं और किसान आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने पर विवश हो रहे हैं। विश्व स्तर
पर इस समस्या के समाधान के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
पेरिस समझौता
और
COP
सम्मेलन
जैसे वैश्विक मंचों पर देशों ने
कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में संकल्प लिए हैं। भारत ने भी
राष्ट्रीय सौर मिशन,
स्वच्छ ऊर्जा अभियान
और
प्लास्टिक पर
प्रतिबंध जैसी योजनाएँ शुरू की हैं। लेकिन केवल सरकारों की कोशिशें काफी नहीं
होंगी। जब तक आम नागरिक अपने जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें नहीं अपनाएँगे,
तब तक कोई ठोस परिवर्तन संभव नहीं
होगा। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह जल और ऊर्जा का अपव्यय न
करें, अधिक
से अधिक वृक्षारोपण करें, प्लास्टिक का प्रयोग न करें और जनसंचार के माध्यम से
अन्य लोगों को भी जागरूक बनाए। केवल मिल-जुल कर किया गया प्रयास ही पृथ्वी को
भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित बना सकता है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
आज
महिलाएँ किन-किन क्षेत्रों में भागीदारी कर रही हैं? (1 अंक)
2.
कथन (A):
महिला सशक्तिकरण राष्ट्र की प्रगति के लिए आवश्यक है। (1 अंक)
कारण (R): महिलाएँ समाज की आधी आबादी होती हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
3.
कथन (A):
महिलाएँ केवल घरेलू कार्यों के लिए उपयुक्त होती हैं। (1 अंक)
कारण (R): महिलाएँ समाज के निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभा सकतीं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
महिला
सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने कौन-सी योजनाएँ चलाई हैं? (2 अंक)
5.
महिला
सशक्तिकरण के लिए समाज में कौन-सा परिवर्तन आवश्यक है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न – 7 अंक)
1.
निम्नलिखित
में से कौन-सी योजना महिला सशक्तिकरण से संबंधित है?
(क) जनधन योजना
(ख) उज्ज्वला योजना
(ग) स्मार्ट सिटी योजना
(घ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
2.
कल्पना
चावला कौन थीं?
(क) भारत की पहली महिला डॉक्टर
(ख) भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री
(ग) अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल
की महिला
(घ) भारत की पहली महिला राष्ट्रपति
3.
ग्रामीण
महिलाओं को आज भी किस कुरीति का सामना करना पड़ता है?
(क) बेरोजगारी
(ख) बाल विवाह
(ग) पलायन
(घ) भ्रष्टाचार
4.
महिला
सशक्तिकरण के लिए सबसे ज़रूरी क्या है?
(क) सरकारी योजनाएँ
(ख) सहानुभूति
(ग) समान अवसर
(घ) अनुशासन
5.
महिलाओं
को आत्मनिर्भर बनाने का लाभ क्या होगा?
(क) वे शिक्षा में आगे आएँगी।
(ख) वे केवल घर का कार्य करेंगी।
(ग) वे किसी की मदद पर निर्भर नहीं
रहेंगी।
(घ) वे शहरों की ओर पलायन करेंगी।
6.
कथन (A):
महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब समाज की सोच बदले।
कारण (R): समाज की सोच में बदलाव से महिलाओं को समान अधिकार मिलते
हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
केवल योजनाओं से महिलाओं का विकास संभव है।
कारण (R): महिलाएँ स्वयं निर्णय नहीं ले सकतीं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
महिलाएँ
आज शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, अंतरिक्ष
और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भागीदारी कर रही हैं।
2.
(क)
3.
(घ)
4.
‘बेटी
बचाओ,
बेटी पढ़ाओ’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला हेल्पलाइन’ जैसी योजनाएँ चलाई गई हैं।
5.
समाज की
सोच में मूलभूत बदलाव अत्यंत आवश्यक है, जिससे महिलाओं को समान अधिकार और अवसर मिल सकें।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- आज के युग में
संचार माध्यमों
की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो
गई है। चाहे वह अख़बार हो, रेडियो, टेलीविजन या फिर इंटरनेट – सभी ने जनमानस को जागरूक
करने, जानकारी
पहुँचाने और सामाजिक चेतना को बढ़ाने में विशिष्ट योगदान दिया है। तकनीक के
बढ़ते प्रयोग ने सूचना के प्रवाह को तीव्र कर दिया है,
जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी
लोग अब वैश्विक घटनाओं से अनभिज्ञ नहीं रहते। वर्तमान समय में इंटरनेट और
सोशल मीडिया जैसे मंचों ने जहाँ लोगों को अपने विचार प्रकट करने की आज़ादी दी
है,
वहीं इसके दुरुपयोग ने कई
समस्याओं को भी जन्म दिया है। फर्जी समाचार, अफवाहें, साइबर अपराध, और निजता का उल्लंघन – ये सब ऐसे मुद्दे हैं जिनसे आज
समाज जूझ रहा है। सूचना का स्रोत जितना सशक्त हुआ है,
उतनी ही ज़रूरत हो गई है कि लोग
उसे विवेकपूर्ण ढंग से ग्रहण करें। यह भी देखा गया है कि जनसंचार के माध्यमों
का उपयोग सामाजिक सुधार के लिए भी किया गया है।
स्वच्छ भारत अभियान,
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
और
कोविड-19
से जुड़ी जागरूकता
जैसी योजनाओं को जन-जन तक
पहुँचाने में इन माध्यमों की भूमिका अत्यंत प्रभावशाली रही है। विज्ञापनों,
नुक्कड़ नाटकों,
रेडियो कार्यक्रमों और डिजिटल
अभियानों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया गया है। हालाँकि,
यह भी ध्यान देने योग्य है कि
मीडिया की स्वतंत्रता के साथ-साथ उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। समाचारों
की सत्यता, निष्पक्षता
और संतुलन बनाए रखना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। साथ ही,
दर्शकों और पाठकों को भी यह समझने
की ज़रूरत है कि वे किस प्रकार की सामग्री का उपभोग कर रहे हैं और क्या वह
तथ्यपरक है या भावनात्मक रूप से भटकाने वाली। अतः यह कहना अनुचित नहीं होगा
कि संचार माध्यम आज केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का साधन नहीं,
बल्कि समाज के निर्माण और दिशा
निर्धारण में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। आवश्यकता है,
जागरूकता,
जिम्मेदारी और तकनीकी साक्षरता की,
ताकि संचार माध्यम हमारे समाज को
सशक्त और सुचिंतित दिशा में आगे ले जा सकें।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
संचार
माध्यमों का समाज में क्या योगदान है?
2.
सोशल
मीडिया से उत्पन्न दो समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
3.
स्वच्छ
भारत और बेटी बचाओ जैसे अभियानों में संचार माध्यमों की क्या भूमिका रही?
4.
समाचार
प्रसारण में मीडिया के लिए किन दो बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?
5.
दर्शकों
और पाठकों को सूचना ग्रहण करते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
6.
कथन (A): जनसंचार माध्यम समाज के निर्माण में योगदान देते हैं।
कारण (R): ये माध्यम केवल मनोरंजन का साधन हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): समाचारों में निष्पक्षता बनाए रखना मीडिया की जिम्मेदारी
है।
कारण (R): निष्पक्ष मीडिया ही लोकतंत्र की नींव होती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
संचार
माध्यमों की कौन-सी विशेषता नहीं है?
(क) सूचना का प्रसार
(ख) सामाजिक चेतना का विकास
(ग) आर्थिक मंदी का समाधान
(घ) विचारों की अभिव्यक्ति का मंच
2.
निम्नलिखित
में से किसने सूचना के प्रवाह को तीव्र किया है?
(क) चुनाव आयोग
(ख) अंतरिक्ष अनुसंधान
(ग) तकनीकी प्रगति
(घ) प्राचीन परंपराएँ
3.
सोशल
मीडिया से उत्पन्न एक प्रमुख समस्या है:
(क) बाल श्रम
(ख) साइबर अपराध
(ग) सड़क दुर्घटना
(घ) भौगोलिक असमानता
4.
कोविड-19 से जुड़ी जानकारी किस माध्यम से व्यापक स्तर पर फैली?
(क) हस्तशिल्प
(ख) पंचायत
(ग) जनसंचार
(घ) डाक
5.
एक
जिम्मेदार मीडिया को क्या करना चाहिए?
(क) एकपक्षीय समाचार देना
(ख) अफवाह फैलाना
(ग) सत्य व निष्पक्ष समाचार देना
(घ) केवल मनोरंजन दिखाना
6.
कथन (A): सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएँ फैल सकती हैं।
कारण (R): सोशल मीडिया पर जानकारी बिना जाँच के साझा की जा सकती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है।
कारण (R): यह न्यायपालिका का पर्याय है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर
1.
समाज को
जागरूक करने, जानकारी देने और
चेतना बढ़ाने में योगदान।
2.
फर्जी
समाचार और साइबर अपराध।
3.
इन
अभियानों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाई।
4.
समाचारों
की सत्यता और निष्पक्षता।
5.
सूचना का
विवेकपूर्ण चयन करना चाहिए।
6.
(ग)
7.
(क)
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(ग)
- भारतीय
संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है,
जिसकी विशेषता इसकी
बहुलता में एकता
है। यहाँ विविध भाषाएँ,
धर्म,
रीति-रिवाज,
पहनावे,
खानपान और जीवनशैली होते हुए भी
सभी भारतीय एक सूत्र में बंधे हुए हैं। यह संस्कृति सहिष्णुता,
सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान की
नींव पर आधारित रही है। भारत ने न केवल अपने भीतर की विविधताओं को अपनाया,
बल्कि बाहर से आए अनेक संस्कृतिक
प्रभावों को भी आत्मसात किया है। विभिन्न कालखंडों में भारत ने बौद्ध,
जैन,
इस्लामिक,
यूरोपीय और आधुनिक विचारों को
अपने समाज में जगह दी और इन्हें अपने स्वरूप के अनुसार ढाला। यही कारण है कि
भारतीय संस्कृति एक जीवंत और गतिशील संस्कृति
मानी जाती है। यहाँ
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’
का सिद्धांत केवल शब्दों तक सीमित
नहीं रहा, बल्कि
व्यवहार में भी अपनाया गया है। आधुनिक समय में भले ही वैश्वीकरण और पाश्चात्य
प्रभावों ने युवा पीढ़ी को अपनी ओर आकृष्ट किया हो,
परंतु फिर भी भारतीय संस्कृति की
जड़ें इतनी गहरी हैं कि वे समय-समय पर पुनरुत्थान करती रहती हैं। पारिवारिक
मूल्य, बड़ों
का सम्मान, आध्यात्मिकता,
योग,
और सामूहिकता जैसे पहलू आज भी
समाज में विद्यमान हैं। हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि विभिन्न
त्यौहारों, सांस्कृतिक
मेलों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारतीय परंपराएँ गौरव के साथ प्रस्तुत की
जा रही हैं। योग दिवस की वैश्विक मान्यता, भारतीय खानपान की लोकप्रियता और बॉलीवुड फिल्मों का
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव यह दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति सीमाओं से परे जाकर
लोगों को जोड़ रही है। यद्यपि समय के साथ कुछ नकारात्मक प्रभाव भी पड़े हैं
जैसे—पश्चिमी तड़क-भड़क की नकल, पारंपरिक मूल्यों की उपेक्षा,
और भौतिकता की ओर झुकाव,
परंतु शिक्षा और जागरूकता के
माध्यम से युवा वर्ग पुनः अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने लगा है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1. संचार माध्यमों का समाज में क्या योगदान है? (1 अंक)
2. कथन (A): जनसंचार
माध्यम समाज के निर्माण में योगदान देते हैं। (1 अंक)
कारण (R): ये माध्यम केवल मनोरंजन का साधन हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
3. कथन (A): समाचारों
में निष्पक्षता बनाए रखना मीडिया की जिम्मेदारी है। (1 अंक)
कारण (R): निष्पक्ष मीडिया ही लोकतंत्र की नींव होती है।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
4. सोशल मीडिया से उत्पन्न दो समस्याओं का उल्लेख कीजिए। (2 अंक)
5. स्वच्छ भारत और बेटी बचाओ जैसे अभियानों में संचार माध्यमों
की क्या भूमिका रही? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न – 7 अंक)
1.
संचार
माध्यमों की कौन-सी विशेषता नहीं है?
(क) सूचना का प्रसार
(ख) सामाजिक चेतना का विकास
(ग) आर्थिक मंदी का समाधान
(घ) विचारों की अभिव्यक्ति का मंच
2.
निम्नलिखित
में से किसने सूचना के प्रवाह को तीव्र किया है?
(क) चुनाव आयोग
(ख) अंतरिक्ष अनुसंधान
(ग) तकनीकी प्रगति
(घ) प्राचीन परंपराएँ
3.
सोशल
मीडिया से उत्पन्न एक प्रमुख समस्या है:
(क) बाल श्रम
(ख) साइबर अपराध
(ग) सड़क दुर्घटना
(घ) भौगोलिक असमानता
4.
कोविड-19 से जुड़ी जानकारी किस माध्यम से व्यापक स्तर पर फैली?
(क) हस्तशिल्प
(ख) पंचायत
(ग) जनसंचार
(घ) डाक
5.
एक
जिम्मेदार मीडिया को क्या करना चाहिए?
(क) एकपक्षीय समाचार देना
(ख) अफवाह फैलाना
(ग) सत्य व निष्पक्ष समाचार देना
(घ) केवल मनोरंजन दिखाना
6.
कथन (A):
सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएँ फैल सकती हैं। (1 अंक)
कारण (R): सोशल मीडिया पर जानकारी बिना जाँच के साझा की जा सकती है।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। (1 अंक)
कारण (R): यह न्यायपालिका का पर्याय है।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
समाज को
जागरूक करने, जानकारी देने और
चेतना बढ़ाने में योगदान देते हैं।
2.
(ग)
3.
(क)
4.
फर्जी
समाचार और साइबर अपराध।
5.
इन
अभियानों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(ग)
- प्राकृतिक
संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है। पृथ्वी पर
जल,
वायु,
खनिज,
वनस्पति और जीव-जंतु जैसे संसाधन
सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं। लेकिन आधुनिक समय में बढ़ती जनसंख्या,
औद्योगीकरण और शहरीकरण ने इन
संसाधनों का अत्यधिक दोहन करना शुरू कर दिया है। यदि यही प्रवृत्ति जारी रही
तो आने वाली पीढ़ियों के लिए इन संसाधनों की उपलब्धता संकट में पड़ सकती है।
पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं,
समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है,
और प्राकृतिक आपदाओं की संख्या भी
बढ़ती जा रही है। यह सब संकेत हैं कि प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ा जा चुका
है। विकास की अंधी दौड़ में हमने यह भूल किया है कि प्राकृतिक संसाधन केवल
उपभोग की वस्तु नहीं हैं, बल्कि वे पृथ्वी के जीवन तंत्र का आधार हैं। सरकारों
और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु अनेक प्रयास किए गए
हैं,
जैसे—प्लास्टिक पर प्रतिबंध,
हरित ऊर्जा को बढ़ावा,
वन संरक्षण कानून,
स्वच्छ भारत मिशन आदि। किंतु जब
तक आम नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता नहीं होगी,
तब तक कोई भी प्रयास सफल नहीं हो
पाएगा। पेड़ लगाना, वर्षा जल संचयन करना, अपशिष्ट प्रबंधन अपनाना और ऊर्जा की बचत करना ऐसे
छोटे-छोटे कार्य हैं, जो प्रत्येक व्यक्ति कर सकता है। विद्यालयों में पर्यावरण शिक्षा
अनिवार्य की गई है ताकि बचपन से ही बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी
का भाव उत्पन्न हो। यह भी देखा गया है कि जिन क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय
पर्यावरणीय कार्यों में भागीदारी निभाते हैं, वहाँ परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं। हमें
यह समझना होगा कि संसाधनों का संरक्षण केवल पर्यावरण की दृष्टि से ही नहीं,
बल्कि सामाजिक और आर्थिक
दृष्टिकोण से भी अनिवार्य है। यह संरक्षण न केवल धरती को बचाएगा,
बल्कि आर्थिक स्थिरता,
आजीविका के अवसर और सार्वजनिक
स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
प्राकृतिक
संसाधनों के दो उदाहरण लिखिए।
2.
संसाधनों
के अत्यधिक दोहन के क्या दो प्रमुख कारण हैं?
3.
यदि
वर्तमान प्रवृत्ति जारी रही तो भविष्य में क्या संकट उत्पन्न हो सकता है?
4.
सरकार
द्वारा किए गए दो पर्यावरणीय प्रयासों का उल्लेख कीजिए।
5.
स्थानीय
समुदाय की भागीदारी क्यों आवश्यक मानी गई है?
6.
कथन (A): संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग पृथ्वी के जीवन-तंत्र को
संतुलित रखने में सहायक होता है।
कारण (R): संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से आर्थिक प्रगति और रोजगार के
अवसर बढ़ते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): पर्यावरण संरक्षण का कार्य केवल सरकारों और संस्थाओं का है।
कारण (R): आम नागरिकों को इन विषयों से कोई सरोकार नहीं होना चाहिए।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न)
1.
प्राकृतिक
संसाधनों का अत्यधिक दोहन किस कारण हो रहा है?
(क) धार्मिक आयोजनों के कारण
(ख) वैश्विक युद्ध के कारण
(ग) जनसंख्या वृद्धि, औद्योगीकरण और शहरीकरण
(घ) केवल कृषि कार्यों के कारण
2.
किसके
पिघलने से समुद्र स्तर बढ़ रहा है?
(क) पर्वत
(ख) नदियाँ
(ग) ग्लेशियर
(घ) झीलें
3.
पर्यावरण
संरक्षण के लिए कौन-सा कार्य विद्यालयों में किया गया है?
(क) योग की अनिवार्यता
(ख) खेलों को बढ़ावा
(ग) पर्यावरण शिक्षा अनिवार्य की गई है
(घ) गणित का महत्व बढ़ाया गया
4.
स्वच्छ
भारत मिशन का उद्देश्य है:
(क) वैज्ञानिक शिक्षा
(ख) गंदगी और कचरे की सफाई
(ग) विदेशी निवेश
(घ) डिजिटल साक्षरता
5.
संसाधनों
का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
(क) केवल जीव-जंतुओं के लिए
(ख) कृषि भूमि बढ़ाने के लिए
(ग) सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ के लिए
(घ) धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए
6.
कथन (A): हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा में योगदान दे
सकता है।
कारण (R): छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण को बचा सकते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): सरकार द्वारा लिए गए सारे पर्यावरणीय प्रयास सफल हुए हैं।
कारण (R): आम नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता नहीं के बराबर है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर
1.
जल, वायु, खनिज, वनस्पति आदि।
2.
जनसंख्या
वृद्धि और औद्योगीकरण।
3.
भविष्य
की पीढ़ियाँ संकट में पड़ सकती हैं।
4.
प्लास्टिक
पर प्रतिबंध, स्वच्छ भारत मिशन।
5.
इससे
परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।
6.
(ग)
7.
(घ)
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ख)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- भारतीय संस्कृति
की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविधता में एकता है। यहाँ विभिन्न धर्म,
जातियाँ,
भाषाएँ,
वेशभूषाएँ,
और जीवन पद्धतियाँ पाई जाती हैं,
लेकिन फिर भी सब में एक अदृश्य
सांस्कृतिक सूत्र जुड़ा हुआ है। यह सूत्र है सहिष्णुता,
मेलजोल और परस्पर सम्मान का। भारत
के कोने-कोने में अलग-अलग प्रकार की परंपराएँ और उत्सव मनाए जाते हैं,
किंतु सभी में प्रेम,
सद्भाव और मानवता की भावना
अंतर्निहित होती है। प्राचीन काल से ही भारत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात
‘सारा विश्व एक परिवार है’ की भावना को आत्मसात किया है। यही कारण है कि
विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों ने भारत में आकर अपने लिए स्थान बनाया और
इसे समृद्ध किया। चाहे वह यूनानी हों, शक हों, या मुगल, भारत ने सभी को अपनाया और उनसे कुछ न कुछ ग्रहण किया।
इस कारण भारतीय संस्कृति में व्यापकता और लचीलापन दोनों मौजूद हैं। भारतीय
दर्शन भी इस एकता का संदेश देता है। उपनिषदों से लेकर गांधीजी तक,
सभी ने सत्य,
अहिंसा,
करुणा और समानता को महत्व दिया
है। यही कारण है कि भारतीय समाज में एक-दूसरे के मत और विश्वास के प्रति
सम्मान की भावना बनी रहती है। कभी-कभी सामाजिक स्तर पर टकराव होते हैं,
पर वे हमारी परंपरा नहीं,
बल्कि सामाजिक जागरूकता की कमी के
कारण होते हैं। आज के वैश्विक युग में, जब अनेक देश सांस्कृतिक संघर्षों से गुजर रहे हैं,
भारत का यह बहुलतावादी दृष्टिकोण
एक आदर्श बन सकता है। लेकिन इसके लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी संस्कृति की इस
विशेषता को समझें और इसे दैनिक जीवन में आत्मसात करें। आधुनिक शिक्षा प्रणाली,
मीडिया,
और सामाजिक संवाद के माध्यम से इस
संस्कृति को बच्चों और युवाओं में रोपित करना समय की माँग है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
प्राकृतिक
संसाधनों के दो उदाहरण लिखिए। (1 अंक)
2.
कथन (A):
संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग पृथ्वी के जीवन-तंत्र को
संतुलित रखने में सहायक होता है। (1 अंक)
कारण (R): संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से आर्थिक प्रगति और रोजगार के
अवसर बढ़ते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
3.
कथन (A):
पर्यावरण संरक्षण का कार्य केवल सरकारों और संस्थाओं का है।
(1
अंक)
कारण (R): आम नागरिकों को इन विषयों से कोई सरोकार नहीं होना चाहिए।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
संसाधनों
के अत्यधिक दोहन के क्या दो प्रमुख कारण हैं? (2 अंक)
5.
स्थानीय
समुदाय की भागीदारी क्यों आवश्यक मानी गई है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न – 7 अंक)
1.
प्राकृतिक
संसाधनों का अत्यधिक दोहन किस कारण हो रहा है?
(क) धार्मिक आयोजनों के कारण
(ख) वैश्विक युद्ध के कारण
(ग) जनसंख्या वृद्धि, औद्योगीकरण और शहरीकरण
(घ) केवल कृषि कार्यों के कारण
2.
किसके
पिघलने से समुद्र स्तर बढ़ रहा है?
(क) पर्वत
(ख) नदियाँ
(ग) ग्लेशियर
(घ) झीलें
3.
पर्यावरण
संरक्षण के लिए कौन-सा कार्य विद्यालयों में किया गया है?
(क) योग की अनिवार्यता
(ख) खेलों को बढ़ावा
(ग) पर्यावरण शिक्षा अनिवार्य की गई है
(घ) गणित का महत्व बढ़ाया गया
4.
स्वच्छ
भारत मिशन का उद्देश्य है:
(क) वैज्ञानिक शिक्षा
(ख) गंदगी और कचरे की सफाई
(ग) विदेशी निवेश
(घ) डिजिटल साक्षरता
5.
संसाधनों
का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
(क) केवल जीव-जंतुओं के लिए
(ख) कृषि भूमि बढ़ाने के लिए
(ग) सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ के लिए
(घ) धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए
6.
कथन (A):
हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा में योगदान दे
सकता है। (1 अंक)
कारण (R): छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण को बचा सकते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
सरकार द्वारा लिए गए सारे पर्यावरणीय प्रयास सफल हुए हैं। (1 अंक)
कारण (R): आम नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता नहीं के बराबर है।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
जल, वायु, खनिज, वनस्पति आदि।
2.
(ग)
3.
(घ)
4.
जनसंख्या
वृद्धि और औद्योगीकरण।
5.
इससे
परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ख)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- पानी,
पृथ्वी पर जीवन का आधार है।
मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे तथा अन्य सभी जीव-जंतु जल के बिना जीवित नहीं रह सकते। परंतु
आधुनिक मानव की जीवन-शैली और विकास की दौड़ ने इस अनमोल संसाधन को भी संकट
में डाल दिया है। भारत सहित अनेक देशों में जल का अत्यधिक दोहन,
जल स्रोतों का प्रदूषण और वर्षा
जल का संरक्षण न होने के कारण जल संकट गंभीर होता जा रहा है। शहरीकरण और
औद्योगीकरण के कारण भूजल का स्तर तेजी से गिर रहा है। अनेक स्थानों पर तो
पानी की खोज में धरती को 1000 फीट से भी अधिक गहराई तक खोदना पड़ता है। खेती में
रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग ने जल स्रोतों को जहरीला
बना दिया है। नदियाँ, जो जीवनदायिनी थीं, अब कूड़ा-कचरा और औद्योगिक कचरे की बहनियाँ बनती जा
रही हैं। जल संरक्षण के अभाव में वर्षा जल व्यर्थ बहकर समुद्र में चला जाता
है। यदि हर घर, विद्यालय, कार्यालय और गाँव में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था हो,
तो जल संकट को काफी हद तक रोका जा
सकता है। वर्षा जल संग्रहण की पारंपरिक पद्धतियाँ जैसे- कुंड,
बावड़ी,
तालाब आदि आज भी उपयोगी हो सकती
हैं,
लेकिन आधुनिक समाज ने इन्हें
उपेक्षित कर दिया है। जल संकट के समाधान हेतु सामाजिक जागरूकता आवश्यक है।
बच्चों को प्रारंभ से ही जल का महत्व सिखाया जाना चाहिए। विद्यालयों में जल
संरक्षण की गतिविधियाँ होनी चाहिए। सरकारी नीतियों के साथ-साथ प्रत्येक
नागरिक को यह समझना होगा कि जल की एक-एक बूँद मूल्यवान है। जब तक सामूहिक
उत्तरदायित्व का भाव नहीं आएगा, तब तक जल संकट का हल नहीं निकलेगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (7)
1.
पानी का
जीवन में क्या महत्व है?
2.
आधुनिक
जीवन-शैली ने जल संकट को कैसे जन्म दिया है?
3.
जल
स्रोतों के प्रदूषित होने के क्या कारण हैं?
4.
वर्षा जल
का संग्रहण क्यों आवश्यक है?
5.
पारंपरिक
जल-संचय प्रणालियाँ कौन-कौन सी थीं?
6.
कथन (A): शहरीकरण जल संकट का एक कारण है।
कारण (R): शहरों में वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था बढ़ रही है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): जल संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता आवश्यक है।
कारण (R): जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7)
1. निम्न में से कौन-सा कारण जल संकट के लिए उत्तरदायी नहीं है?
(क) रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग
(ख) वर्षा जल का संरक्षण
(ग) भूजल का अत्यधिक दोहन
(घ) औद्योगिक अपशिष्ट
2. पारंपरिक जल संचय पद्धतियों में शामिल नहीं है—
(क) कुंड
(ख) तालाब
(ग) बोतल
(घ) बावड़ी
3. बच्चों को जल का महत्व कब से सिखाया जाना चाहिए?
(क) महाविद्यालय से
(ख) उच्च शिक्षा से
(ग) प्रारंभ से
(घ) नौकरी लगने के बाद
4. नदियों के प्रदूषित होने का मुख्य कारण है—
(क) धार्मिक आस्थाएँ
(ख) औद्योगिक कचरे का बहाव
(ग) अधिक मछलियाँ
(घ) नहाना
5. जल संकट के समाधान के लिए क्या जरूरी है?
(क) बड़े बाँध बनाना
(ख) नदियों को गहरा करना
(ग) सामूहिक उत्तरदायित्व का भाव
(घ) सभी को कुएँ देना
6. कथन (A): विद्यालयों में जल संरक्षण की गतिविधियाँ कराई जानी चाहिए।
कारण (R): इससे छात्रों में जल की उपयोगिता की समझ विकसित होगी।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7. कथन (A): जल की एक-एक बूँद अमूल्य है।
कारण (R): जल की कमी केवल रेगिस्तानी क्षेत्रों की समस्या है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर
1.
जीवन का
आधार है।
2.
अत्यधिक
दोहन,
प्रदूषण और संग्रहण का अभाव।
3.
रासायनिक
उर्वरकों व कचरे के कारण।
4.
जल संकट
को रोकने के लिए।
5.
कुंड, बावड़ी, तालाब।
6.
(ग)
7.
(ग)
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ख)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(ग)
- भारत के संविधान
को जब निर्मित किया गया, तब इसका मुख्य उद्देश्य था कि देश के प्रत्येक नागरिक
को समानता, स्वतंत्रता,
और न्याय की गारंटी दी जा सके।
संविधान निर्माताओं ने यह समझा था कि विविधताओं से भरे इस देश में केवल कानून
और अधिकारों की नहीं, बल्कि कर्तव्यों की भी उतनी ही आवश्यकता है। संविधान के अनुच्छेद 51(क) में वर्णित मूल कर्तव्यों का उद्देश्य नागरिकों को
राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनाना है। दुर्भाग्यवश,
स्वतंत्रता के सात दशकों बाद भी
अधिकतर नागरिक केवल अपने अधिकारों की चर्चा करते हैं,
पर कर्तव्यों की अनदेखी करते हैं।
नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग तो करते हैं, पर यह सोचकर कम ही करते हैं कि उनका एक-एक वोट
लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है। वे शिक्षा पाने के अधिकार की माँग करते
हैं,
पर समाज को शिक्षित बनाने की
जिम्मेदारी को नहीं निभाते। यही कारण है कि सामाजिक असमानताएँ,
भ्रांतियाँ और आपसी संघर्ष अभी तक
मिटाए नहीं जा सके हैं। यदि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन उतनी ही ईमानदारी
से करें जितनी तत्परता से हम अधिकारों की माँग करते हैं,
तो समाज में संतुलन और सद्भावना
की स्थापना संभव हो सकेगी। पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा,
कमजोर वर्गों के प्रति संवेदना –
ये सब केवल सरकार के नहीं, नागरिकों के भी दायित्व हैं। बच्चों को आरंभ से ही यह
सिखाना आवश्यक है कि अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब तक
यह सोच विकसित नहीं होती, तब तक नागरिक सशक्त नहीं बन सकते और न ही लोकतंत्र
पूर्णता की ओर बढ़ सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक ही एक सशक्त राष्ट्र का
निर्माण करता है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7)
1. संविधान निर्माताओं का मुख्य उद्देश्य क्या था?
2. मूल कर्तव्यों का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?
3. नागरिक अपने कर्तव्यों की उपेक्षा किस प्रकार करते हैं?
4. समाज में संतुलन स्थापित करने के लिए नागरिकों को क्या करना
चाहिए?
5. बच्चों को अधिकार-कर्तव्य के संबंध में क्या सिखाया जाना
चाहिए?
6. कथन (A): प्रत्येक नागरिक को केवल अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए।
कारण (R): कर्तव्यों की जानकारी सरकार को ही होनी चाहिए।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7. कथन (A): नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति की
रक्षा करनी चाहिए।
कारण (R): ये कार्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (7)
1.
संविधान
के निर्माण का एक मुख्य उद्देश्य था—
(क) विदेशी शासन का अंत
(ख) भाषाई समानता
(ग) नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय देना
(घ) कर वसूली सुनिश्चित करना
2.
निम्नलिखित
में से कौन-सा कर्तव्य नागरिकों से अपेक्षित है?
(क) केवल मतदान करना
(ख) सरकार की आलोचना करना
(ग) सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
(घ) केवल अपने अधिकार माँगना
3.
कर्तव्यों
की उपेक्षा के कारण समाज में क्या समस्या बनी रहती है?
(क) तकनीकी पिछड़ापन
(ख) आर्थिक संकट
(ग) सामाजिक असमानता और संघर्ष
(घ) विदेशी आक्रमण
4.
बच्चों
को क्या सिखाना आवश्यक है?
(क) केवल पढ़ाई करना
(ख) कर्तव्यों से बचना
(ग) अधिकार और कर्तव्य एक जैसे महत्व के
हैं
(घ) चुनाव में भाग लेना
5.
लोकतंत्र
कब सशक्त बनता है?
(क) जब केवल सरकार सक्रिय हो
(ख) जब नागरिक अपने कर्तव्य निभाएँ
(ग) जब चुनाव हो
(घ) जब शिक्षा मुफ्त हो
6.
कथन (A): केवल अधिकार माँगने से समाज में संतुलन नहीं आ सकता।
कारण (R): कर्तव्य निभाने से ही अधिकार सार्थक बनते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A): जिम्मेदार नागरिक सशक्त राष्ट्र बनाते हैं।
कारण (R): जिम्मेदार नागरिक केवल अपने परिवार की चिंता करते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर
1.
समानता, स्वतंत्रता, और न्याय सुनिश्चित करना।
2.
अनुच्छेद
51(क)।
3.
केवल
अधिकारों की माँग कर कर्तव्यों को भूल जाते हैं।
4.
अपने
कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।
5.
कि
अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
6.
(घ)
7.
(क)
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ग)
5.
(ख)
6.
(क)
7.
(ग)
- भारतीय संस्कृति
में वृद्धजनों का विशेष स्थान रहा है। प्राचीन काल में वे समाज के मार्गदर्शक
और अनुभव के भंडार माने जाते थे। आश्रम व्यवस्था में ‘वृहद् आश्रम’ या
‘वानप्रस्थ आश्रम’ का प्रावधान भी इसी सम्मान का प्रतीक था। परंतु वर्तमान
समय में सामाजिक संरचना में आए तीव्र परिवर्तन, एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति और भौतिकता की अंधी
दौड़ ने वृद्धजनों की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। कई परिवारों में
बुज़ुर्गों को बोझ समझा जाने लगा है। वे मानसिक उपेक्षा,
अकेलेपन और असुरक्षा के शिकार
होते जा रहे हैं। उनके अनुभवों और सुझावों को अनदेखा कर दिया जाता है,
जबकि वे जीवन की अनेक कठिनाइयों
से जूझ चुके होते हैं और उनके पास बहुमूल्य जीवन-दृष्टि होती है। शारीरिक
अस्वस्थता और आर्थिक निर्भरता उनकी स्थिति को और भी दयनीय बना देती है।
वृद्धावस्था में सबसे अधिक ज़रूरत होती है स्नेह,
सम्मान और संवाद की। एक मुस्कान,
एक सहारा,
एक साथ बैठकर बात करना—ये
छोटी-छोटी बातें उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं। कुछ परिवार और
संगठन अब जागरूक होकर वृद्धजनों के लिए आश्रय-गृह,
स्वास्थ्य-शिविर,
और मनोरंजन
के साधन उपलब्ध कराने लगे हैं,
लेकिन यह प्रयास अभी भी सीमित
हैं। समाज को यह समझना होगा कि बुज़ुर्गों की देखभाल कोई कृपा नहीं,
बल्कि नैतिक कर्तव्य है। यही नहीं,
उनके अनुभवों से नई पीढ़ी बहुत
कुछ सीख सकती है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम उन्हें परिवार और समाज का
सम्मानित अंग मानें, उन्हें अकेलेपन से बाहर निकालें और उनके सम्मानजनक जीवन की व्यवस्था
करें। एक संवेदनशील समाज ही सच्चे अर्थों में सुसंस्कृत कहलाता है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
संविधान
निर्माताओं का मुख्य उद्देश्य क्या था? (1 अंक)
2.
कथन (A):
प्रत्येक नागरिक को केवल अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। (1 अंक)
कारण (R): कर्तव्यों की जानकारी सरकार को ही होनी चाहिए।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
3.
कथन (A):
नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति की
रक्षा करनी चाहिए। (1 अंक)
कारण (R): ये कार्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
4.
नागरिक
अपने कर्तव्यों की उपेक्षा किस प्रकार करते हैं? (2 अंक)
5.
बच्चों
को अधिकार-कर्तव्य के संबंध में क्या सिखाया जाना चाहिए? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 प्रश्न – 7 अंक)
1.
संविधान
के निर्माण का एक मुख्य उद्देश्य था—
(क) विदेशी शासन का अंत
(ख) भाषाई समानता
(ग) नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय देना
(घ) कर वसूली सुनिश्चित करना
2.
निम्नलिखित
में से कौन-सा कर्तव्य नागरिकों से अपेक्षित है?
(क) केवल मतदान करना
(ख) सरकार की आलोचना करना
(ग) सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
(घ) केवल अपने अधिकार माँगना
3.
कर्तव्यों
की उपेक्षा के कारण समाज में क्या समस्या बनी रहती है?
(क) तकनीकी पिछड़ापन
(ख) आर्थिक संकट
(ग) सामाजिक असमानता और संघर्ष
(घ) विदेशी आक्रमण
4.
बच्चों
को क्या सिखाना आवश्यक है?
(क) केवल पढ़ाई करना
(ख) कर्तव्यों से बचना
(ग) अधिकार और कर्तव्य एक जैसे महत्व के
हैं
(घ) चुनाव में भाग लेना
5.
लोकतंत्र
कब सशक्त बनता है?
(क) जब केवल सरकार सक्रिय हो
(ख) जब नागरिक अपने कर्तव्य निभाएँ
(ग) जब चुनाव हो
(घ) जब शिक्षा मुफ्त हो
6.
कथन (A):
केवल अधिकार माँगने से समाज में संतुलन नहीं आ सकता। (1 अंक)
कारण (R): कर्तव्य निभाने से ही अधिकार सार्थक बनते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
जिम्मेदार नागरिक सशक्त राष्ट्र बनाते हैं। (1 अंक)
कारण (R): जिम्मेदार नागरिक केवल अपने परिवार की चिंता करते हैं।
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
समानता, स्वतंत्रता, और न्याय सुनिश्चित करना।
2.
(घ)
3.
(क)
4.
वे केवल
अधिकारों की चर्चा करते हैं, लेकिन
अपने कर्तव्यों की अनदेखी करते हैं — जैसे मतदान का महत्व न समझना या समाज के
प्रति जिम्मेदारी न निभाना।
5.
उन्हें
सिखाना चाहिए कि अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों का समान
रूप से पालन आवश्यक है।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ग)
5.
(ख)
6.
(क)
7.
(ग)
- आज की शिक्षा
प्रणाली को लेकर अनेक प्रश्न उठते रहे हैं। यह सत्य है कि आधुनिक शिक्षा ने
विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, तकनीक जैसे विषयों में सक्षम बनाया है,
किंतु क्या यही शिक्षा उन्हें एक
अच्छा इंसान बनने की ओर अग्रसर करती है? क्या विद्यालयों में मानवीय मूल्यों,
करुणा,
दया,
ईमानदारी,
और नैतिकता का पर्याप्त प्रशिक्षण
दिया जा रहा है? अधिकांश विद्यालयों में छात्रों को केवल परीक्षा के लिए तैयार किया जाता
है,
न कि जीवन के लिए। एक तरफ़ हम
उच्च अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हैं,
वहीं दूसरी ओर नैतिकता और सामाजिक
चेतना की अनदेखी करते हैं। यह शिक्षा विद्यार्थियों को महत्त्वाकांक्षा तो
देती है, परंतु
संयम और कर्तव्यबोध का पाठ नहीं पढ़ाती। यही कारण है कि आज समाज में नैतिक
पतन,
भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता बढ़ती
जा रही है। जब शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना रह जाता है,
तब वह केवल एक साधन बनकर रह जाती
है,
साध्य नहीं। आवश्यकता इस बात की
है कि शिक्षा में संतुलन हो। पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को अनिवार्य किया
जाना चाहिए। शिक्षकों को चाहिए कि वे केवल पाठ्य-पुस्तक नहीं,
अपने व्यवहार से भी विद्यार्थियों
को प्रभावित करें। शिक्षा केवल सूचनाओं का संकलन नहीं है,
यह तो व्यक्तित्व को गढ़ने की
प्रक्रिया है। यदि आज के विद्यार्थियों में जीवन-मूल्य नहीं होंगे,
तो कल का समाज दिशाहीन और
असंवेदनशील बन जाएगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल ‘बुद्धि’ का विकास नहीं,
बल्कि ‘चरित्र’ का निर्माण भी
होना चाहिए। जब तक हम इस मूल उद्देश्य को नहीं अपनाते,
तब तक समाज में शिक्षा का
वास्तविक प्रभाव नहीं दिखेगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
आधुनिक
शिक्षा की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानी गई है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
आज की शिक्षा केवल सूचनाएँ संकलित करने पर केंद्रित है। (1 अंक)
कारण (R): यह प्रणाली व्यक्तित्व के निर्माण पर ध्यान नहीं देती।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
3.
कथन (A):
नैतिक मूल्यों से युक्त शिक्षा समाज को दिशाहीन बना देती
है। (1
अंक)
कारण (R): नैतिक शिक्षा रोजगारपरक नहीं होती।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
परीक्षा
आधारित शिक्षा प्रणाली से कौन-सी सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न हो रही
हैं? (2 अंक)
5.
शिक्षक
विद्यार्थियों को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
आधुनिक
शिक्षा प्रणाली की प्रमुख आलोचना क्या है?
(क) यह रोजगार नहीं देती
(ख) यह उच्च अंक नहीं दिलाती
(ग) यह नैतिक मूल्यों पर ज़ोर नहीं देती
(घ) यह विज्ञान नहीं सिखाती
2.
लेखक के
अनुसार शिक्षा का मुख्य कार्य क्या होना चाहिए?
(क) बुद्धिमत्ता का विकास
(ख) रोजगार प्राप्त कराना
(ग) सूचनाओं का संग्रह कराना
(घ) चरित्र निर्माण करना
3.
शिक्षक
विद्यार्थियों को सबसे प्रभावी ढंग से कैसे प्रेरित कर सकते हैं?
(क) व्याख्यान द्वारा
(ख) व्यवहार द्वारा
(ग) पुस्तकों द्वारा
(घ) प्रतियोगिता द्वारा
4.
किसका
अनदेखा करना समाज में संवेदनहीनता का कारण बनता है?
(क) विज्ञान
(ख) तकनीक
(ग) नैतिकता
(घ) भाषा
5.
पाठ्यक्रम
में किसे अनिवार्य करने की आवश्यकता बताई गई है?
(क) संस्कृत
(ख) योग
(ग) नैतिक शिक्षा
(घ) कंप्यूटर
6.
कथन (A):
शिक्षा में केवल सूचना-संकलन पर ज़ोर देना पर्याप्त नहीं
है।
कारण (R): शिक्षा का कार्य व्यक्ति को सामाजिक दृष्टि से जागरूक बनाना
भी है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
उच्च अंक लाने वाले छात्र सदैव नैतिक होते हैं।
कारण (R): नैतिकता का परीक्षा परिणामों से सीधा संबंध है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
विज्ञान, गणित, तकनीक
में दक्षता।
2.
(क)
3.
(घ)
4.
नैतिक
पतन,
भ्रष्टाचार, संवेदनहीनता जैसी समस्याएँ।
5.
अपने
व्यवहार से विद्यार्थियों को प्रेरित कर सकते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(ग)
2.
(घ)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- भारत विविधताओं
का देश है, जहाँ
अनेक भाषाएँ, धर्म, जातियाँ
और संस्कृतियाँ एक साथ अस्तित्व में हैं। यह विविधता भारत की पहचान ही नहीं,
बल्कि इसकी शक्ति भी है। जब हम
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की बात करते हैं, तो उसमें समस्त मानव जाति को एक परिवार मानने की भावना
समाहित होती है। हमारे यहाँ विभिन्न त्योहारों को मिल-जुलकर मनाया जाता है,
चाहे वह दीपावली हो,
ईद हो,
क्रिसमस हो या गुरुपर्व। यही आपसी
सौहार्द और सम्मान भारतीय संस्कृति की विशेषता है। हालाँकि,
विविधता के इस सुंदर स्वरूप को
बनाए रखने के लिए हमें निरंतर प्रयास करते रहना होता है। कभी-कभी भाषा,
धर्म या जाति के नाम पर मतभेद और
टकराव उत्पन्न हो जाते हैं, जो समाज की एकता को कमजोर करते हैं। ऐसे में आवश्यक है
कि हम सहिष्णुता, संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा दें। भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को
समानता, स्वतंत्रता
और भाईचारे का अधिकार दिया है। इन अधिकारों का सही उपयोग तभी हो सकता है जब
हम अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का
यह कर्तव्य है कि वह अपने व्यवहार से एकता और सहयोग को बढ़ावा दे। विविधता
में एकता का भाव तभी फलता-फूलता है जब हम अपनी सोच को व्यापक और समावेशी
बनाएँ। आज के वैश्विक युग में, जहाँ अलग-अलग विचारधाराएँ और पहचानें टकरा रही हैं,
भारत जैसे देश की भूमिका और भी
महत्त्वपूर्ण हो जाती है। हमें यह दिखाना है कि विविधता को सम्मान देते हुए
भी एकता कायम रखी जा सकती है। यह केवल सरकार की नहीं,
समाज के हर सदस्य की जिम्मेदारी
है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
भारत में
विविधता को किस रूप में देखा जाता है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
विविधता भारत की कमजोरी है। (1 अंक)
कारण (R): विविधता के कारण टकराव उत्पन्न होते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ भारतीय सोच का
प्रतीक है। (1 अंक)
कारण (R): यह सभी मानवों को एक परिवार मानने का विचार है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं तथा R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं परंतु R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है पर R गलत है।
(घ) A गलत है पर R सही है।
4.
भाषा, जाति, धर्म
के नाम पर मतभेद समाज को किस प्रकार प्रभावित करते हैं? (2 अंक)
5.
विविधता
में एकता बनाए रखने के लिए व्यक्ति को क्या करना चाहिए? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
‘वसुधैव
कुटुम्बकम्’ का अर्थ है —
(क) पूरा विश्व एक मंच है
(ख) दुनिया एक परिवार है
(ग) सभी धर्म समान हैं
(घ) मानव सबसे श्रेष्ठ है
2.
भारतीय
समाज की विशेषता है —
(क) एक ही भाषा
(ख) जातीय टकराव
(ग) विविधता में एकता
(घ) एक ही धर्म
3.
निम्नलिखित
में से कौन-सा भारतीय त्योहार नहीं है?
(क) दीपावली
(ख) ईद
(ग) थैंक्सगिविंग
(घ) गुरुपर्व
4.
भारतीय
संविधान ने नागरिकों को क्या अधिकार दिए हैं?
(क) केवल स्वतंत्रता
(ख) समानता, स्वतंत्रता और भाईचारा
(ग) केवल धर्म की स्वतंत्रता
(घ) केवल शिक्षा का अधिकार
5.
सामाजिक
सौहार्द बनाए रखने में बाधा बन सकती है —
(क) संवाद
(ख) सहयोग
(ग) सहिष्णुता
(घ) असहिष्णुता
6.
कथन (A):
हर नागरिक को अपने व्यवहार से समाज में एकता को बढ़ावा देना
चाहिए।
कारण (R): समाज की एकता केवल सरकारी प्रयासों से बनती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
7.
कथन (A):
भारत में सभी नागरिकों को एक ही भाषा बोलनी चाहिए।
कारण (R): भाषाई विविधता देश को बाँट देती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
भारत में
विविधता को उसकी शक्ति और पहचान के रूप में देखा जाता है।
2.
(घ)
3.
(क)
4.
ये मतभेद
समाज में वैमनस्य, असहिष्णुता
और एकता की कमी को जन्म देते हैं।
5.
व्यक्ति
को सहिष्णुता, संवाद और समावेशी सोच
को अपनाकर समाज में एकता को बढ़ावा देना चाहिए।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ख)
5.
(घ)
6.
(ग)
7.
(घ)
- मनुष्य के जीवन
में परिश्रम का अत्यधिक महत्त्व है। यह एक ऐसी कुंजी है,
जिससे सफलता का हर ताला खोला जा
सकता है। इतिहास गवाह है कि संसार में जितने भी महान पुरुष हुए हैं,
वे सब परिश्रमी रहे हैं। अब्राहम
लिंकन, महात्मा
गाँधी, रवीन्द्रनाथ
ठाकुर, डॉ.
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम—इन सबने अपने जीवन की शुरुआत संघर्ष और सीमित साधनों से
की,
परंतु अपने कठिन परिश्रम और
आत्मविश्वास से वह ऊँचाइयों तक पहुँचे। परिश्रम केवल शारीरिक नहीं,
मानसिक भी होता है। पढ़ाई करने
वाला छात्र, प्रयोगशाला में शोध करता वैज्ञानिक, खेत में हल चलाता किसान और एक गृहिणी—सभी परिश्रमी हैं,
बस उनके कार्य अलग-अलग होते हैं।
परिश्रम से ही आत्म-सम्मान उत्पन्न होता है। कोई भी कार्य छोटा नहीं होता।
यदि ईमानदारी और समर्पण से किया जाए तो साधारण-सा कार्य भी महान बन जाता है।
आधुनिक युग में कई लोग सफलता पाने के लिए शॉर्टकट अपनाने लगे हैं। वे परिश्रम
से बचने के लिए अनुचित मार्ग चुनते हैं। किंतु वे यह भूल जाते हैं कि बिना
मेहनत के मिली सफलता स्थायी नहीं होती। अस्थायी सफलता धोखा भी दे सकती है और
समाज में सम्मान भी नहीं दिला सकती। यह भी सत्य है कि परिश्रम करने से थकावट
होती है, शरीर
थकता है, किंतु
मन को संतोष मिलता है। जीवन में यदि सच्ची प्रसन्नता चाहिए तो उसे परिश्रम से
ही पाया जा सकता है। जो लोग मेहनत से डरते हैं, वे जीवन में पछताते हैं। सफलता का कोई वैकल्पिक मार्ग
नहीं होता। प्रतिभा, संसाधन, संबंध—ये सब परिश्रम के बिना अधूरे हैं। इसलिए हर मनुष्य को अपने कार्य
में समर्पित होकर, ईमानदारी और निरंतरता से मेहनत करनी चाहिए। यही सफलता की सबसे सच्ची
सीढ़ी है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
परिश्रम
का मनुष्य के जीवन में क्या महत्त्व है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
बिना परिश्रम के मिली सफलता स्थायी नहीं होती। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि अस्थायी सफलता धोखा दे सकती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
मेहनत से डरने वाले व्यक्ति जीवन में पछताते हैं। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि वे अपने जीवन में कुछ विशेष नहीं कर पाते।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
मानसिक
परिश्रम का एक उदाहरण दीजिए। (2 अंक)
5.
बिना
परिश्रम के मिली सफलता कैसी होती है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1. लेखक के अनुसार परिश्रम क्या है?
(क) समय की बर्बादी
(ख) सफलता की कुंजी
(ग) केवल शारीरिक श्रम
(घ) केवल छात्रों के लिए आवश्यक
2. अब्राहम लिंकन और कलाम में क्या समानता थी?
(क) दोनों नेता थे
(ख) दोनों अमीर परिवार से थे
(ग) दोनों ने परिश्रम से सफलता पाई
(घ) दोनों लेखक थे
3. परिश्रम का कौन-सा रूप किसान के कार्य में प्रकट होता है?
(क) मानसिक
(ख) आर्थिक
(ग) शारीरिक
(घ) सामाजिक
4. अस्थायी सफलता किससे जुड़ी होती है?
(क) विश्वास से
(ख) परिश्रम से
(ग) धोखे से
(घ) सहायता से
5. लेखक के अनुसार असली संतोष किससे मिलता है?
(क) अवकाश से
(ख) धन से
(ग) परिश्रम से
(घ) प्रसिद्धि से
6. कथन (A): परिश्रम
के बिना प्रतिभा भी अधूरी है।
कारण (R): परिश्रम से ही प्रतिभा फलित होती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7. कथन (A): आधुनिक
युग में लोग शॉर्टकट की ओर आकर्षित हैं।
कारण (R): क्योंकि मेहनत करना कठिन लगता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
यह सफलता
की कुंजी है।
2.
(क)
3.
(क)
4.
प्रयोगशाला
में शोध करता वैज्ञानिक।
5.
स्थायी
नहीं होती, धोखा भी दे सकती है।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(ग)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(क)
- भारतीय संस्कृति
में आत्मनिर्भरता को अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ‘स्वावलंबन’ न
केवल एक आर्थिक अवधारणा है, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक महत्वपूर्ण
मूल्य है। ऋषि-मुनियों के आश्रमों में विद्यार्थियों को आरंभ से ही अपने
कार्य स्वयं करने की शिक्षा दी जाती थी। उनका उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान
करना नहीं था, बल्कि एक ऐसा संतुलित व्यक्तित्व गढ़ना था जो आत्मनिर्भर,
संयमी और समाज के प्रति उत्तरदायी
हो। आज के युग में, जब तकनीक और संसाधनों की बहुलता है, फिर भी लोग आत्मनिर्भरता से दूर होते जा रहे हैं।
छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी हम दूसरों पर निर्भर रहने लगे हैं। बच्चों को
विद्यालयों में शिक्षा तो दी जाती है, परंतु जीवन कौशल जैसे—खाना बनाना,
समय प्रबंधन,
निर्णय लेने की क्षमता,
और सामाजिक उत्तरदायित्व की
समझ—इनकी शिक्षा अक्सर उपेक्षित रह जाती है। इससे वे मानसिक रूप से कमज़ोर हो
जाते हैं और चुनौतियों का सामना करने में कठिनाई होती है। ‘आत्मनिर्भर भारत’
का सपना केवल आर्थिक या औद्योगिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह
एक व्यापक विचार है, जिसमें हर नागरिक मानसिक, सामाजिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र एवं सक्षम बने। यह
तभी संभव है जब हम शिक्षा प्रणाली को इस प्रकार ढालें कि वह केवल अकादमिक
ज्ञान न दे, बल्कि जीवन को सशक्त बनाने वाली योग्यताएँ भी प्रदान करें। परिवार और
समाज की भी ज़िम्मेदारी है कि वे बच्चों को आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने
में सहयोग करें। जब व्यक्ति आत्मनिर्भर होता है,
तब वह आत्मगौरव से भर उठता है।
उसे अपने अस्तित्व और प्रयासों पर गर्व होता है। आत्मनिर्भरता केवल ‘मैं कर
सकता हूँ’ का भाव नहीं, बल्कि ‘मैं करूँगा और जिम्मेदारी से करूँगा’ का संकल्प
भी है। यही भाव एक मजबूत, सक्रिय और सकारात्मक समाज का निर्माण करता है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
भारतीय
संस्कृति में आत्मनिर्भरता को क्यों महत्त्व दिया गया है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
आत्मनिर्भर व्यक्ति समाज के लिए उपयोगी होता है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि वह समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक स्तर पर आवश्यक है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि इससे उद्योगों का विकास होता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
प्राचीन
आश्रमों में विद्यार्थियों को क्या सिखाया जाता था? (2 अंक)
5.
आत्मनिर्भरता
से व्यक्ति में कौन-सा भाव उत्पन्न होता है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
आत्मनिर्भरता
का अर्थ क्या है?
(क) केवल आर्थिक स्वतंत्रता
(ख) हर बात में दूसरों पर निर्भर रहना
(ग) मानसिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से सक्षम होना
(घ) सरकार पर निर्भर रहना
2.
आश्रमों
में शिक्षा का उद्देश्य क्या था?
(क) केवल धार्मिक ज्ञान देना
(ख) केवल वेद पढ़वाना
(ग) केवल ध्यान कराना
(घ) संतुलित व्यक्तित्व का निर्माण करना
3.
आज के
युग में आत्मनिर्भरता में कमी क्यों आई है?
(क) संसाधनों की अधिकता के कारण
(ख) शिक्षा की गुणवत्ता के कारण
(ग) तकनीकी विकास के कारण
(घ) व्यक्तियों के आलसी होने के कारण
4.
आत्मनिर्भर
भारत की अवधारणा किस प्रकार की होनी चाहिए?
(क) केवल तकनीकी
(ख) केवल औद्योगिक
(ग) बहुआयामी
(घ) केवल शैक्षिक
5.
आत्मनिर्भर
व्यक्ति का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) वह समाज से कट जाता है।
(ख) वह आत्मगौरव से भर उठता है और समाज
को प्रेरित करता है।
(ग) वह सहायता नहीं करता।
(घ) वह अलगाव पसंद बन जाता है।
6.
कथन (A):
बच्चों को केवल अकादमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है।
कारण (R): जीवन कौशल भी आवश्यक हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
आत्मनिर्भरता से आत्मगौरव आता है।
कारण (R): क्योंकि यह व्यक्ति को दूसरों से श्रेष्ठ बनाता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
क्योंकि
यह केवल आर्थिक नहीं, मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य भी है।
2.
(क)
3.
(घ)
4.
अपने
कार्य स्वयं करने और आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा दी जाती थी।
5.
आत्मगौरव
और जिम्मेदारी का भाव आता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(ग)
2.
(घ)
3.
(क)
4.
(ग)
5.
(ख)
6.
(क)
7.
(ग)
- स्वास्थ्य
जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। जब तक शरीर स्वस्थ है, तब तक जीवन की सारी संभावनाएँ खुली रहती हैं। परंतु
जैसे ही शरीर किसी रोग के कारण दुर्बल होता है, वैसे ही मनुष्य की ऊर्जा,
उत्साह और कर्मठता सब धीमी पड़
जाती है। वर्तमान युग में जीवन की गति तेज हो गई है,
और साथ ही बढ़ा है मानसिक तनाव,
अव्यवस्थित दिनचर्या,
और असंतुलित भोजन। इन सभी ने
मिलकर व्यक्ति की सेहत को गंभीर संकट में डाल दिया है। स्वास्थ्य केवल रोगों
की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि यह एक पूर्ण शारीरिक,
मानसिक और सामाजिक कल्याण की
स्थिति है। योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच – ये स्वास्थ्य के चार मजबूत स्तंभ हैं।
परंतु आज के समय में हम इनमें से किसी भी पहलू पर गंभीर ध्यान नहीं देते।
व्यस्तता की आड़ में लोग न तो समय पर भोजन करते हैं,
न ही पर्याप्त नींद लेते हैं और न
ही अपने शरीर को सक्रिय रखने के लिए व्यायाम करते हैं। विद्यालयों में
स्वास्थ्य शिक्षा का अभाव भी एक बड़ी समस्या है। बच्चों को बचपन से ही यह
सिखाया जाना चाहिए कि अच्छा स्वास्थ्य केवल शरीर की मजबूती नहीं है,
बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक
स्थिरता का भी आधार है। जब विद्यार्थी स्वस्थ होंगे,
तभी वे पढ़ाई में भी मन लगाकर
अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। यही बात वयस्कों पर भी लागू होती है। जो लोग समय
पर उठते हैं, हल्का व्यायाम करते हैं, पौष्टिक भोजन लेते हैं और तनावमुक्त रहते हैं,
वे अधिक सशक्त,
प्रसन्न और दीर्घायु होते हैं। आज
आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। यदि हम अपने
दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करें—जैसे सीढ़ियों का प्रयोग करें,
पैदल चलें,
दिनचर्या निर्धारित करें,
जंक फूड से परहेज करें और योग या
ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें—तो हमारे जीवन में बड़ा परिवर्तन आ सकता
है। एक स्वस्थ नागरिक ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
स्वास्थ्य
को जीवन की सबसे बड़ी पूँजी क्यों कहा गया है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
अच्छा स्वास्थ्य केवल शारीरिक स्थिति से नहीं जुड़ा है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि मानसिक और सामाजिक स्थिति भी व्यक्ति की भलाई में
योगदान देती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम दीर्घायु का कारण हैं। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि ये व्यक्ति को मजबूत और सक्रिय बनाते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
आज के
युग में स्वास्थ्य को कौन-कौन से संकट प्रभावित कर रहे हैं? (2 अंक)
5.
योग और
प्राणायाम स्वास्थ्य के लिए कैसे उपयोगी हैं? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
निम्नलिखित
में से स्वास्थ्य का सही अर्थ क्या है?
(क) रोग न होना
(ख) दवाइयों का प्रयोग
(ग) केवल अच्छा भोजन करना
(घ) शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण
2.
निम्न
में से क्या स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है?
(क) संतुलित आहार
(ख) तनाव
(ग) नियमित दिनचर्या
(घ) योग
3.
अच्छे
स्वास्थ्य के लिए क्या आवश्यक नहीं है?
(क) प्राणायाम
(ख) व्यायाम
(ग) जंक फूड
(घ) संतुलित भोजन
4.
विद्यालयों
में किस प्रकार की शिक्षा पर ज़ोर देना चाहिए?
(क) केवल गणित और विज्ञान
(ख) स्वास्थ्य और जीवन कौशल
(ग) खेल प्रतियोगिता
(घ) तकनीकी शिक्षा
5.
निम्न
में से कौन-सा अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने का एक उपाय नहीं है?
(क) तनावमुक्त जीवन
(ख) पर्याप्त नींद
(ग) असमय भोजन
(घ) सकारात्मक सोच
6.
कथन (A):
एक स्वस्थ व्यक्ति समाज के लिए अधिक उपयोगी होता है।
कारण (R): क्योंकि वह लंबे समय तक कार्य कर सकता है और कम बीमार पड़ता
है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
योग केवल शारीरिक व्यायाम है।
कारण (R): क्योंकि इसमें श्वास की क्रिया पर ध्यान नहीं दिया जाता।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
क्योंकि
जब तक शरीर स्वस्थ है, तब तक
जीवन की सभी संभावनाएँ खुली रहती हैं।
2.
(क)
3.
(क)
4.
मानसिक
तनाव,
अव्यवस्थित दिनचर्या और असंतुलित भोजन।
5.
ये शरीर
को सक्रिय रखते हैं और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(घ)
2.
(ख)
3.
(ग)
4.
(ख)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(घ)
- भारत एक ऐसा देश
है जिसकी विविधता विश्व में अद्वितीय है। यहाँ की संस्कृति,
भाषाएँ,
धर्म,
पहनावा,
खान-पान और पर्व-त्योहारों में जो
विविधता है, वह देश को एक सुंदर माला की भाँति जोड़ती है। भारत में उत्तर से दक्षिण
और पूर्व से पश्चिम तक अलग-अलग भाषाएँ बोली जाती हैं,
परंतु फिर भी सभी भारतीयों को एक
सूत्र में बाँधने वाली भावना है – ‘भारतीयता’ की भावना। देश की इस सांस्कृतिक
विविधता को संरक्षित और विकसित करना हम सभी नागरिकों का कर्तव्य है। परंतु
आजकल देखा जा रहा है कि ग्लोबलाइज़ेशन के प्रभाव में आकर युवा पीढ़ी अपने देश
की संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है। त्योहारों के पीछे का भाव और
उनकी आत्मा खोती जा रही है। दीपावली, होली, ईद, क्रिसमस जैसे पर्व अब केवल छुट्टियों और उपहारों तक
सीमित रह गए हैं। विद्यालयों में बच्चों को यह सिखाना ज़रूरी है कि हमारी
संस्कृति केवल रीति-रिवाज नहीं है, बल्कि इसमें जीवन जीने की कला और मूल्यों की सीख छुपी
है। जैसे होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। दीपावली
केवल दीप जलाने का उत्सव नहीं, बल्कि आत्मप्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा है। इस
विविधता में एकता को बनाए रखने के लिए हमें एक-दूसरे की भाषाओं,
पर्वों और परंपराओं के प्रति
सम्मान और जिज्ञासा रखनी चाहिए। जब एक पंजाबी, एक तमिल या एक असमिया की संस्कृति को समझने की कोशिश
करता है, तभी
वह सच्चे अर्थों में ‘भारतीय’ बनता है। आज आवश्यकता है कि हम अपनी संस्कृति
से गर्व करें, उसे सीखें, बाँटें और आगे बढ़ाएँ। तभी हमारा देश अपने मूल्यों और विरासत को सँजोते
हुए विकास की ओर बढ़ पाएगा।
लघुत्तरीय
प्रश्न (7 अंक)
1.
भारत की
विविधता किस रूप में वर्णित की गई है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
विविधता के बावजूद भारत में एकता बनी रहती है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि भारतीयता की भावना सभी को जोड़ती है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
त्योहार अब केवल छुट्टियों और उपहारों तक सीमित हो गए हैं।
(1
अंक)
कारण (R): क्योंकि लोग अब धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
युवाओं
में संस्कृति के प्रति उदासीनता क्यों बढ़ रही है? (2 अंक)
5.
विद्यालयों
में बच्चों को संस्कृति के बारे में क्या सिखाना चाहिए? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
भारत को
किस विशेषता के लिए विश्व में अद्वितीय बताया गया है?
(क) आर्थिक शक्ति के कारण
(ख) सैन्य क्षमता के कारण
(ग) सांस्कृतिक विविधता के कारण
(घ) राजनीतिक स्थिरता के कारण
2.
त्योहारों
के मूल भाव का लोप क्यों हो रहा है?
(क) क्योंकि लोग गरीब हैं
(ख) क्योंकि वे त्योहार नहीं मनाते
(ग) क्योंकि ग्लोबलाइज़ेशन ने संस्कृति
पर प्रभाव डाला है
(घ) क्योंकि स्कूल बंद रहते हैं
3.
‘भारतीयता’
की भावना किसे दर्शाती है?
(क) राजनीतिक विचारधारा को
(ख) धार्मिक आस्था को
(ग) भाषाई एकता को
(घ) सबको जोड़ने वाले साझा मूल्य को
4.
विद्यालयों
को बच्चों को क्या सिखाना चाहिए?
(क) प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
(ख) जीवन मूल्य और संस्कृति
(ग) गणित और विज्ञान
(घ) वैश्विक बाजार की समझ
5.
भारतीय
विविधता में एकता कैसे बनाए रखी जा सकती है?
(क) अलग-अलग रहकर
(ख) केवल अपने धर्म का पालन करके
(ग) दूसरों की संस्कृति का सम्मान करके
(घ) संस्कृति को त्यागकर
6.
कथन (A):
युवा पीढ़ी भारतीय संस्कृति से दूर हो रही है।
कारण (R): क्योंकि आज के युवाओं में अनुशासन की कमी है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
विविधता भारत की ताकत है।
कारण (R): क्योंकि इसमें झगड़े नहीं होते।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर:
1.
भारत की
विविधता एक सुंदर माला की भाँति है जिसमें विभिन्नता होते हुए भी एकता है।
2.
(क)
3.
(ग)
4.
ग्लोबलाइज़ेशन
के प्रभाव के कारण युवा संस्कृति से दूर हो रहे हैं।
5.
संस्कृति
में जीवन मूल्य छुपे हैं, यही
सिखाना चाहिए।
बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ग)
3.
(घ)
4.
(ख)
5.
(ग)
6.
(ग)
7.
(ग)
- प्रदूषण आज की
सबसे गंभीर वैश्विक समस्याओं में से एक है। वायु,
जल, मृदा, ध्वनि, प्रकाश आदि सभी प्रकार के प्रदूषणों ने न केवल
पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि मानव स्वास्थ्य, पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों को भी गंभीर संकट में डाल
दिया है। सबसे अधिक चिंता का विषय वायु प्रदूषण है जो सीधे मानव जीवन को
प्रभावित करता है। बढ़ते वाहनों की संख्या, उद्योगों की चिमनियों से निकलता धुआँ और पेड़ों की
अंधाधुंध कटाई इसके मुख्य कारण हैं। एक समय था जब शहरों में साँस लेना स्वच्छ
अनुभव होता था, परंतु अब यह एक चुनौती बन गई है। महानगरों में रहने वाले लोगों को प्रायः
आँखों में जलन, सांस की दिक्कत, एलर्जी और यहाँ तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो यह प्रदूषण और भी घातक होता जा रहा है। केवल
वायु ही नहीं, जल प्रदूषण भी तेजी से बढ़ा है। कारखानों से निकलने वाले रासायनिक
अपशिष्ट बिना उपचार के नदियों में बहा दिए जाते हैं,
जिससे जलीय जीवों का जीवन संकट
में आ गया है। इस समस्या के समाधान के लिए केवल सरकारों पर निर्भर रहना
पर्याप्त नहीं है। नागरिकों को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी। हमें
सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करना चाहिए, वाहनों की अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए और पेड़
लगाकर हरियाली बढ़ानी चाहिए। विद्यालयों और कॉलेजों में पर्यावरण शिक्षा को
अनिवार्य बनाना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी पर्यावरण के प्रति जागरूक हो। प्रदूषण
पर नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। जब तक प्रत्येक नागरिक स्वयं
पहल नहीं करता, तब तक यह संकट समाप्त नहीं हो सकता। प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर चलना ही
मनुष्य की दीर्घकालिक सुरक्षा की कुंजी है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
वायु
प्रदूषण के प्रमुख कारण क्या हैं? (1 अंक)
2.
कथन (A):
प्रदूषण से न केवल मानव, बल्कि जीव-जंतु और पेड़-पौधे भी प्रभावित होते हैं। (1 अंक)
कारण (R): प्रदूषण केवल वायु को ही प्रभावित करता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
पर्यावरण सुरक्षा केवल सरकार की ज़िम्मेदारी है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि नागरिकों का इसमें कोई योगदान नहीं होता।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
प्रदूषण
के कारण मानव जीवन को किस प्रकार की बीमारियाँ हो रही हैं? (2 अंक)
5.
नागरिक
इस समस्या के समाधान में क्या कर सकते हैं? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
वायु
प्रदूषण के मुख्य कारणों में कौन-सा शामिल नहीं है?
(क) पेड़ों की कटाई
(ख) मोबाइल फोन का उपयोग
(ग) उद्योगों से निकलता धुआँ
(घ) वाहनों की संख्या में वृद्धि
2.
बच्चों
और बुजुर्गों पर प्रदूषण का प्रभाव क्यों अधिक होता है?
(क) क्योंकि वे अधिक संवेदनशील होते हैं
(ख) क्योंकि वे बाहर नहीं जाते
(ग) क्योंकि उन्हें प्रदूषण पसंद नहीं
(घ) क्योंकि वे जागरूक नहीं होते
3.
जल
प्रदूषण से किसका जीवन संकट में है?
(क) पक्षियों का
(ख) मनुष्यों का
(ग) जलीय जीवों का
(घ) केवल पेड़ों का
4.
वायु
प्रदूषण से कौन-सी बीमारी नहीं होती?
(क) आँखों में जलन
(ख) सांस की तकलीफ
(ग) त्वचा का रंग बदलना
(घ) एलर्जी
5.
पर्यावरण
शिक्षा का उद्देश्य क्या है?
(क) अधिक अंक दिलाना
(ख) प्रतियोगिता जितवाना
(ग) पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना
(घ) तकनीकी ज्ञान देना
6.
कथन (A):
पेड़-पौधों की कटाई प्रदूषण को बढ़ाती है।
कारण (R): पेड़ वायु को शुद्ध करने में सहायक होते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखना ज़रूरी है।
कारण (R): यह मनुष्य की दीर्घकालिक सुरक्षा का आधार है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय उत्तर:
1.
बढ़ते
वाहन,
औद्योगिक धुआँ, पेड़ों की कटाई।
2.
(ग)
3.
(घ)
4.
आँखों
में जलन,
सांस की परेशानी, एलर्जी, कैंसर।
5.
सार्वजनिक
परिवहन का प्रयोग, पेड़
लगाना,
प्रदूषण से बचाव के उपाय।
बहुविकल्पीय उत्तर:
1.
(ख)
2.
(क)
3.
(ग)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(क)
- पुस्तकें
मानव जीवन की अनमोल धरोहर हैं। वे केवल जानकारी या मनोरंजन का साधन नहीं हैं,
बल्कि विचारों और भावनाओं का
संचरण करने वाली कालातीत कड़ी हैं। एक अच्छी पुस्तक पाठक के व्यक्तित्व को
आकार देती है, उसके सोचने-समझने के तरीके को प्रभावित करती है और उसमें मानवीय मूल्यों
का संचार करती है। जब मनुष्य अकेला महसूस करता है,
तब पुस्तकें उसकी सच्ची मित्र बन
जाती हैं। इतिहास इस बात का साक्षी है कि विश्व के अनेक महापुरुषों की सफलता
में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब्राहम लिंकन से लेकर महात्मा
गांधी तक—सभी ने पुस्तकों से प्रेरणा पाई। गांधीजी ने ‘अनटु दिस लास्ट’
पुस्तक पढ़कर अपने सामाजिक जीवन की दिशा ही बदल दी थी। पुस्तकें केवल ज्ञान
नहीं देतीं, वे विवेक और चेतना भी विकसित करती हैं। आज जबकि डिजिटल तकनीक ने पुस्तकों
का स्थान मोबाइल और टैबलेट से लेना शुरू कर दिया है,
तब भी छपी हुई किताबों का महत्व
कम नहीं हुआ है। कागज़ की सोंधी खुशबू, पन्ने पलटने की अनुभूति और पढ़ने की लय पुस्तक-पाठन को
एक आत्मीय अनुभव बनाती है। हालाँकि, यह भी सत्य है कि आज के युवाओं में पुस्तकें पढ़ने की
प्रवृत्ति में कमी आई है। सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और वीडियो ने उनका ध्यान बाँट दिया है।
आवश्यकता इस बात की है कि अभिभावक और शिक्षक पुस्तकालय संस्कृति को बढ़ावा
दें। विद्यालयों में नियमित पठन-काल हो, पुस्तक मेले लगें और बच्चों को रुचिकर साहित्य पढ़ने
की प्रेरणा दी जाए। पुस्तकें हमारे विचारों को दिशा देती हैं और समाज को
प्रगति के मार्ग पर ले जाती हैं। इसीलिए कहा गया है—”पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे
नवाब।”
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
पुस्तकें
मानव जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं? (1 अंक)
2.
कथन (A):
मोबाइल और टैबलेट पुस्तकों की जगह ले रहे हैं। (1 अंक)
कारण (R): आज के युवा तकनीक से अधिक जुड़े हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
पुस्तकों के बिना मानव जीवन अधूरा है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि पुस्तकों में केवल मनोरंजन होता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
गांधीजी
के जीवन में किस पुस्तक ने प्रभाव डाला और कैसे? (2 अंक)
5.
विद्यालयों
में पुस्तक संस्कृति को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
‘अनटु दिस
लास्ट’ पुस्तक ने किसके जीवन को प्रभावित किया?
(क) अब्राहम लिंकन
(ख) महात्मा गांधी
(ग) बाल गंगाधर तिलक
(घ) पं. नेहरू
2.
पुस्तकों
की कौन-सी विशेषता पाठक को आकर्षित करती है?
(क) उनकी मोटाई
(ख) मोबाइल जैसे दिखना
(ग) पन्ने पलटने का अनुभव
(घ) चमकदार कवर
3.
पुस्तकें
किसे दिशा देती हैं?
(क) तकनीक को
(ख) समाज को
(ग) व्यापार को
(घ) राजनीति को
4.
युवाओं
का ध्यान क्यों बँट रहा है?
(क) समाचार पत्रों से
(ख) परीक्षा से
(ग) सोशल मीडिया और गेम्स से
(घ) पाठ्यपुस्तकों से
5.
पुस्तक-पाठन
को आत्मीय अनुभव कौन बनाता है?
(क) कवर डिज़ाइन
(ख) प्रचार
(ग) पढ़ने की लय और सोंधी खुशबू
(घ) मूल्य
6.
कथन (A):
पुस्तकों से विवेक और चेतना का विकास होता है।
कारण (R): पुस्तकें केवल कठिन भाषाओं में लिखी जाती हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
विद्यालयों में पुस्तक मेले लगने चाहिए।
कारण (R): इससे छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक मिलते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय उत्तर:
1.
पुस्तकें
ज्ञान,
भावनाएँ, सोच
और मूल्यों का संचार करती हैं।
2.
(क)
3.
(ग)
4.
गांधीजी
ने इस पुस्तक से प्रेरणा लेकर समाज सेवा की दिशा चुनी।
5.
पठन काल, पुस्तक मेले, रुचिकर साहित्य की उपलब्धता।
बहुविकल्पीय उत्तर:
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(ग)
7.
(ग)
- स्वतंत्रता
प्राप्ति के समय भारत की स्थिति अत्यंत जटिल थी। विभाजन के दंश ने देश को
सामाजिक, आर्थिक
और सांस्कृतिक दृष्टि से गहरे आघात दिए थे। करोड़ों लोगों को विस्थापन और
हिंसा का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में देश को एकजुट रखना,
लोकतांत्रिक शासन की नींव रखना और
विकास की ओर अग्रसर करना एक अत्यंत कठिन कार्य था। भारत के प्रथम
प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने न केवल
एक लोकतांत्रिक व्यवस्था को सफलतापूर्वक स्थापित किया,
बल्कि औद्योगीकरण,
वैज्ञानिक विकास और वैश्विक मंच
पर भारत की सशक्त उपस्थिति की नींव भी रखी। विकास के इस मार्ग पर सबसे बड़ी
चुनौती थी – गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी। ग्रामीण भारत की दशा अत्यंत दयनीय थी। वहां
आधारभूत सुविधाओं का घोर अभाव था। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, सिंचाई जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति करना सरकार
की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया। पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से सरकार ने
योजनाबद्ध विकास की दिशा में कदम बढ़ाए। हरित क्रांति और श्वेत क्रांति जैसी
पहलों ने भारत को खाद्य सुरक्षा और दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया। भारत
की लोकतांत्रिक परिपक्वता का परिचय उसकी संस्थाओं की मजबूती से मिलता है। एक
स्वतंत्र न्यायपालिका, निष्पक्ष निर्वाचन आयोग, जीवंत मीडिया और जागरूक नागरिक – ये सभी लोकतंत्र के
आधार स्तंभ हैं। स्वतंत्रता के बाद से भारत ने अनेक राजनीतिक,
सामाजिक और आर्थिक बदलाव देखे,
परंतु उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था
ने बार-बार अपने लचीलेपन और दृढ़ता का प्रमाण दिया है। आज,
जब हम स्वतंत्रता के 75
वर्षों से आगे बढ़ रहे हैं,
यह आवश्यक है कि हम अपने अतीत से
सीखें और भविष्य की ओर उन्मुख हों। यह समय है जब हर नागरिक को अपने कर्तव्यों
के प्रति सजग होकर देश के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
स्वतंत्रता
प्राप्ति के समय भारत को कौन-कौन सी चुनौतियाँ थीं? (1 अंक)
2.
कथन (A):
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है। (1 अंक)
कारण (R): स्वतंत्र न्यायपालिका और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली इसकी
विशेषताएँ हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
भारत में स्वतंत्रता के बाद लोकतंत्र सफल नहीं रहा। (1 अंक)
कारण (R): नागरिक अधिकारों का हनन किया गया।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A गलत है, R सही है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
ग्रामीण
भारत की दशा कैसी थी? (2 अंक)
5.
पंचवर्षीय
योजनाओं का उद्देश्य क्या था? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
स्वतंत्रता
के समय भारत को किस प्रकार की सामाजिक समस्या का सामना करना पड़ा था?
(क) शिक्षा का अधिक प्रचार
(ख) अधिक उत्पादन
(ग) विस्थापन और हिंसा
(घ) संपन्नता
2.
जवाहरलाल
नेहरू ने किस क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया?
(क) धार्मिक सुधार
(ख) वैज्ञानिक और औद्योगिक विकास
(ग) सैन्य नियंत्रण
(घ) कृषि पर निर्भरता
3.
पंचवर्षीय
योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
(क) केवल शहरी विकास
(ख) केवल औद्योगीकरण
(ग) योजनाबद्ध विकास
(घ) केवल शिक्षा विस्तार
4.
लोकतंत्र
की सफलता किस पर निर्भर करती है?
(क) केवल सरकार पर
(ख) केवल न्यायपालिका पर
(ग) सभी संस्थाओं की मजबूती पर
(घ) केवल संसद पर
5.
हर
नागरिक का क्या कर्तव्य है?
(क) सरकार की आलोचना करना
(ख) कर चोरी करना
(ग) अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना
(घ) केवल मतदान करना
6.
कथन (A):
पंचवर्षीय योजनाओं से देश में समृद्धि आई।
कारण (R): योजनाओं ने शिक्षा के स्तर को गिराया।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
हरित क्रांति से भारत आत्मनिर्भर बना।
कारण (R): इससे भारत को खाद्यान्न आयात नहीं करना पड़ा।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
विभाजन, हिंसा, विस्थापन, गरीबी, बेरोजगारी
2.
(क)
3.
(घ)
4.
दयनीय और
सुविधाविहीन
5.
योजनाबद्ध
विकास
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ख)
3.
(ग)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(ग)
7.
(क)
- प्लास्टिक आज की
आधुनिक दुनिया की एक अभिन्न आवश्यकता बन गई है, किंतु इसके बढ़ते उपयोग से पर्यावरण पर घातक प्रभाव
पड़ रहा है। प्लास्टिक से निर्मित वस्तुएँ जीवन के लगभग हर क्षेत्र में
प्रयुक्त होती हैं—चाहे वह पैकेजिंग हो, चिकित्सा उपकरण हों, इलेक्ट्रॉनिक्स या रोज़मर्रा के घरेलू सामान। परंतु
प्लास्टिक का एक बड़ा हिस्सा एक बार प्रयोग में लाकर फेंक दिया जाता है और यह
मिट्टी या जल में शत-प्रतिशत नष्ट नहीं होता। इसका विघटन सैकड़ों वर्षों में
भी नहीं हो पाता है। समस्या और गंभीर तब हो जाती है जब यह प्लास्टिक जलाया
जाता है। इससे जहरीली गैसें निकलती हैं जो वायुमंडल को प्रदूषित करती हैं और
मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। इसके अतिरिक्त,
जल निकासी की नालियाँ प्लास्टिक
से अवरुद्ध हो जाती हैं जिससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव जैसी समस्याएँ
उत्पन्न होती हैं। समुद्रों में पहुँचा प्लास्टिक समुद्री जीवन को भी
प्रभावित करता है—कई बार जलीय जीव इन प्लास्टिक कणों को भोजन समझकर निगल जाते
हैं,
जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है। इस
समस्या से निपटने के लिए अनेक देशों ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर
प्रतिबंध लगा दिया है। भारत सरकार ने भी ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ अभियान चलाया
है जिसके अंतर्गत जन-जागरूकता, पुनः उपयोग (reuse), पुनर्चक्रण (recycling) और वैकल्पिक सामग्रियों को बढ़ावा देने के प्रयास किए
जा रहे हैं। कपड़े के थैले, बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग,
पत्तों से बने दोने-पत्तल जैसे
विकल्पों को अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है। इस चुनौती से पार पाने के लिए
केवल सरकारी नीतियाँ ही पर्याप्त नहीं होंगी। प्रत्येक नागरिक को यह समझना
होगा कि उसका छोटा सा प्रयास भी एक बड़ा परिवर्तन ला सकता है। यदि हम
प्लास्टिक का उपयोग सीमित कर दें, अपने साथ कपड़े का थैला रखें,
और प्लास्टिक वस्तुओं का पुनः
उपयोग करें तो यह एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण की दिशा में बड़ा कदम होगा।
पृथ्वी को संरक्षित रखना केवल सरकार की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
प्लास्टिक
का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव क्या है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
प्लास्टिक मिट्टी में आसानी से नष्ट हो जाता है। (1 अंक)
कारण (R): प्लास्टिक पूरी तरह जैविक पदार्थ होता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A गलत है, R सही है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
प्लास्टिक प्रदूषण का समाधान केवल सरकारी नीतियों से संभव
है। (1
अंक)
कारण (R): प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने में आम लोगों की कोई
भूमिका नहीं है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
प्लास्टिक
जलाने से क्या हानियाँ होती हैं? (2 अंक)
5.
समुद्री
जीव प्लास्टिक से कैसे प्रभावित होते हैं? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
प्लास्टिक
का प्रमुख उपयोग किस क्षेत्र में नहीं होता है?
(क) चिकित्सा उपकरण
(ख) खेती के उपकरण
(ग) इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
(घ) पैकेजिंग
2.
प्लास्टिक
का विघटन कितने समय में होता है?
(क) कुछ दिनों में
(ख) कुछ महीनों में
(ग) कुछ वर्षों में
(घ) सैकड़ों वर्षों में
3.
प्लास्टिक
जलाने से क्या उत्सर्जित होता है?
(क) ऑक्सीजन
(ख) कार्बन डाइऑक्साइड
(ग) जहरीली गैसें
(घ) हाइड्रोजन
4.
भारत
सरकार ने प्लास्टिक के खिलाफ कौन-सा अभियान चलाया है?
(क) पर्यावरण संरक्षण मिशन
(ख) स्वच्छ प्लास्टिक योजना
(ग) प्लास्टिक मुक्त भारत
(घ) प्लास्टिक निवारण योजना
5.
निम्न
में से कौन-सा प्लास्टिक का विकल्प नहीं है?
(क) कपड़े का थैला
(ख) पत्ते का दोना
(ग) कागज़ की थैली
(घ) पॉलीथीन बैग
6.
कथन (A):
प्लास्टिक प्रदूषण केवल समुद्रों तक सीमित है।
कारण (R): क्योंकि प्लास्टिक केवल समुद्रों में ही फेंका जाता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
प्लास्टिक कचरा जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित करता है।
कारण (R): प्लास्टिक नालियों को अवरुद्ध कर देता है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
यह
मिट्टी और जल में नष्ट नहीं होता।
2.
(घ)
3.
(घ)
4.
जहरीली
गैसें निकलती हैं जो स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती हैं।
5.
वे
प्लास्टिक को भोजन समझकर खा जाते हैं जिससे उनकी मृत्यु हो सकती है।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ख)
2.
(घ)
3.
(ग)
4.
(ग)
5.
(घ)
6.
(घ)
7.
(क)
- जल जीवन का मूल
है,
किंतु आज मानव द्वारा इसके
अंधाधुंध दोहन और दूषण के कारण जल संकट गहराता जा रहा है। विश्व के अनेक
देशों की भाँति भारत में भी जल स्तर तेजी से गिर रहा है। महानगरों में भूजल
का अत्यधिक दोहन और वर्षा जल के संग्रहण की अनदेखी ने हालात को और गंभीर बना
दिया है। अनेक गाँवों और कस्बों में गर्मियों के मौसम में जल आपूर्ति बाधित
हो जाती है और लोगों को मीलों दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। प्राकृतिक जल
स्रोत जैसे नदियाँ, झीलें, कुएँ
और बावड़ियाँ या तो सूख गए हैं या प्रदूषण की चपेट में हैं। औद्योगिक
अपशिष्टों और घरेलू नालों का बिना शोधित किए जल स्रोतों में बहा देना जल की
गुणवत्ता को नष्ट कर रहा है। यह न केवल पर्यावरण बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए
भी एक गंभीर खतरा बन चुका है। जल संकट का एक प्रमुख कारण हमारी उपेक्षा और
जागरूकता की कमी है। लोग अनावश्यक रूप से पानी बहाते हैं,
नलों को खुला छोड़ देते हैं और
वर्षाजल को संग्रहित करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं करते। इसके समाधान के
लिए सरकारों ने ‘जल जीवन मिशन’, ‘कैच द रेन’ जैसी योजनाएँ चलाई हैं,
किंतु इनका प्रभाव तभी सार्थक
होगा जब आम नागरिक भी अपनी भूमिका निभाएँ। वर्षा जल संचयन,
ड्रिप सिंचाई प्रणाली,
जल पुनः उपयोग और वाटर मीटरिंग
जैसी तकनीकों को अपनाकर हम जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठा सकते हैं। साथ
ही,
जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता
फैलाना समय की माँग है। यदि हमने अभी भी चेतना नहीं दिखाई,
तो आने वाली पीढ़ियाँ जल के लिए
संघर्ष करती दिखाई देंगी। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इस अमूल्य
संसाधन को संरक्षित करें।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
जल संकट
के मुख्य कारण क्या हैं? (1 अंक)
2.
कथन (A):
भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। (1 अंक)
कारण (R): वर्षा जल को संरक्षित नहीं किया जा रहा है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी है। (1 अंक)
कारण (R): आम जनता को जल की कोई चिंता नहीं करनी चाहिए।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
नदियों
और झीलों की स्थिति कैसी होती जा रही है? (2 अंक)
5.
जल
संरक्षण के कौन-कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
भारत में
जल संकट किस कारण उत्पन्न हुआ है?
(क) अत्यधिक वर्षा के कारण
(ख) जल संरक्षण योजनाओं के कारण
(ग) जल का अनियंत्रित उपयोग और दूषण
(घ) पर्वतीय क्षेत्रों के कारण
2.
जल
स्रोतों में प्रदूषण किसके कारण हो रहा है?
(क) हवा की गति से
(ख) बिना शोधित अपशिष्टों के निस्तारण
से
(ग) वर्षा जल से
(घ) पेड़-पौधों के झड़ने से
3.
‘कैच द
रेन’ योजना किस उद्देश्य से आरंभ की गई?
(क) वर्षा जल के संचयन के लिए
(ख) वनों की रक्षा के लिए
(ग) नदी जोड़ो परियोजना के लिए
(घ) बिजली बचाने के लिए
4.
लोगों
में जल के प्रति उदासीनता किस रूप में दिखाई देती है?
(क) वे अधिक पानी खरीदते हैं
(ख) वे पेड़ों को पानी देते हैं
(ग) वे नलों को खुला छोड़ देते हैं
(घ) वे तालाब खोदते हैं
5.
ड्रिप
सिंचाई प्रणाली का लाभ क्या है?
(क) पानी की बर्बादी होती है
(ख) अधिक बिजली की खपत होती है
(ग) पानी का न्यूनतम उपयोग होता है
(घ) बारिश की आवश्यकता नहीं होती
6.
कथन (A):
जल प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।
कारण (R): जल में मिलाए गए रसायन त्वचा रोग उत्पन्न करते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
जल संकट से निपटने के लिए हर नागरिक को जागरूक होना चाहिए।
कारण (R): जल जीवन मिशन पूरी तरह असफल रहा है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
भूजल
दोहन,
वर्षा जल का संरक्षण नहीं होना, प्रदूषण
2.
(क)
3.
(घ)
4.
सूखते जा
रहे हैं या प्रदूषित हो चुके हैं
5.
वर्षा जल
संचयन,
ड्रिप सिंचाई, जल पुनः उपयोग, जागरूकता फैलाना
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(ग)
2.
(ख)
3.
(क)
4.
(ग)
5.
(ग)
6.
(क)
7.
(ग)
- एक सुसंस्कृत और
प्रगतिशील समाज की पहचान उसके नागरिकों के व्यवहार से होती है।
नागरिक शिष्टाचार
केवल व्यक्तिगत सभ्यता का प्रतीक
नहीं होता, बल्कि
यह सामाजिक समरसता और अनुशासन का आधार भी होता है। जब हम सार्वजनिक स्थलों पर
कतार में खड़े रहते हैं, ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं,
दूसरों के अधिकारों का सम्मान
करते हैं और अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हैं—तब हम नागरिक शिष्टाचार
का पालन कर रहे होते हैं। आज के डिजिटल युग में जहाँ व्यक्ति सोशल मीडिया पर
अपनी उपस्थिति को लेकर सजग है, वहीं वास्तविक जीवन में सामाजिक उत्तरदायित्वों से
बचने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। उदाहरण के लिए,
सड़क पर कचरा फेंकना,
ज़रूरतमंद की सहायता न करना,
या अपने आसपास के लोगों के प्रति
उदासीन रहना—ये नागरिक शिष्टाचार की उपेक्षा के उदाहरण हैं। नागरिक शिष्टाचार
में छोटे-छोटे व्यवहार भी शामिल हैं—जैसे किसी वृद्ध को बस में सीट देना,
दुकानदार से विनम्रता से बात करना,
या किसी सार्वजनिक आयोजन में
अनुशासन बनाए रखना। ये कार्य समाज में सौहार्द, सहयोग और समझ को बढ़ावा देते हैं। शिक्षा संस्थानों
में केवल पाठ्यचर्या ही नहीं, बल्कि शिष्टाचार और सामाजिक व्यवहार की शिक्षा भी दी
जानी चाहिए। जब बच्चे बचपन से ही दूसरों के प्रति संवेदनशीलता,
जिम्मेदारी और अनुशासन के गुण
सीखते हैं, तब
वे अच्छे नागरिक बनते हैं। साथ ही, सरकार और समाज दोनों को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी
चाहिए जो नागरिकों को नियम पालन और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित
करे। दंड के भय से नहीं, बल्कि नैतिक बोध से प्रेरित नागरिक ही किसी राष्ट्र को
महान बनाते हैं। नागरिक शिष्टाचार कोई बोझ नहीं,
बल्कि एक ऐसा व्यवहार है जो हमें
आत्मगौरव और समाज में सम्मान दिलाता है।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
नागरिक
शिष्टाचार का समाज में क्या महत्व है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
अच्छे नागरिकों से समाज में सौहार्द और सहयोग बढ़ता है। (1 अंक)
कारण (R): वे दूसरों के अधिकारों और जिम्मेदारियों का सम्मान करते
हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
नागरिक शिष्टाचार केवल बड़े लोगों के लिए होता है। (1 अंक)
कारण (R): बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारियाँ नहीं निभानी होतीं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
डिजिटल
युग में नागरिकों में कौन-सी प्रवृत्ति बढ़ रही है? (2 अंक)
5.
एक सच्चे
नागरिक का व्यवहार किन-किन रूपों में दिखता है? (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
नागरिक
शिष्टाचार में निम्न में से कौन-सा कार्य सम्मिलित नहीं है?
(क) कचरा सड़क पर फेंकना
(ख) जरूरतमंद की मदद करना
(ग) ट्रैफिक नियमों का पालन करना
(घ) वृद्ध को सीट देना
2.
अच्छे
नागरिकों का व्यवहार कैसा होता है?
(क) अधिकार माँगने वाला
(ख) नियम तोड़ने वाला
(ग) जिम्मेदार और सहनशील
(घ) केवल अपने लिए सोचने वाला
3.
समाज में
शिष्टाचार का सबसे पहला स्थान कहाँ होता है?
(क) दफ्तरों में
(ख) घर में
(ग) विद्यालय में
(घ) सड़क पर
4.
बच्चों
को नागरिक शिष्टाचार कब से सिखाना चाहिए?
(क) कॉलेज के बाद
(ख) जब वे नौकरी करें
(ग) बचपन से ही
(घ) जब गलती करें
5.
नागरिकों
में नैतिक बोध कैसे जागृत हो सकता है?
(क) सज़ा देकर
(ख) शिक्षा और व्यवहार से
(ग) प्रचार करके
(घ) मीडिया से
6.
कथन (A):
सोशल मीडिया नागरिक शिष्टाचार को बढ़ावा देता है।
कारण (R): सोशल मीडिया पर सभी लोग सत्य और संयमित रहते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
नागरिक शिष्टाचार राष्ट्र की पहचान बनता है।
कारण (R): सभी राष्ट्र एक जैसे नियम रखते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
यह समाज
में समरसता और अनुशासन बनाए रखता है।
2.
(क)
3.
(घ)
4.
सामाजिक
जिम्मेदारी से बचने और शिष्टाचार की अनदेखी की प्रवृत्ति।
5.
कतार में
लगना,
नियम पालन, वृद्धों
की मदद,
दूसरों का सम्मान आदि।
बहुविकल्पीय प्रश्नों के
उत्तर:
1.
(क)
2.
(ग)
3.
(ख)
4.
(ग)
5.
(ख)
6.
(घ)
7.
(ग)
- 21वीं सदी में जब विज्ञान और तकनीक अपनी चरम सीमा पर पहुँच रही है,
तब भी मानव जाति
जल संकट
जैसी मूलभूत समस्या से जूझ रही
है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, आने वाले दशकों में स्वच्छ जल की अनुपलब्धता मानव
अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। भारत में भी स्थिति चिंताजनक
होती जा रही है। अनेक शहरों में गर्मियों के मौसम में जलस्रोत सूखने लगते हैं,
और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ
कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को विवश होती हैं। जल संकट का सबसे बड़ा कारण
है – जल का अनियंत्रित और अपव्ययी उपयोग। घरेलू, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में जल का दोहन बिना
दीर्घकालिक योजना के किया जा रहा है। शहरीकरण, जनसंख्या वृद्धि और वनों की कटाई ने भूजल स्तर को
गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कई स्थानों पर तो भूमिगत जल 100
फीट से भी नीचे चला गया है।
सरकारें जल संरक्षण की योजनाएँ बना रही हैं—जैसे ‘जल जीवन मिशन’,
‘नमामि गंगे’,
‘अटल भूजल योजना’—परंतु यह तभी सफल
होंगी जब नागरिक स्वयं इसके प्रति जागरूक होंगे। वर्षा जल संचयन,
टपक सिंचाई,
जल पुनर्चक्रण और जल का सीमित
प्रयोग – ये सभी उपाय तभी प्रभावी बन सकते हैं जब लोग इनका ईमानदारी से पालन
करें।
विद्यालयों और परिवारों
में बच्चों को बचपन से ही जल के महत्व और संरक्षण की शिक्षा दी जानी चाहिए। एक
बालक जब नल खुला छोड़ने की गलती न करे, जब वो पौधों को बर्बादी से बचाकर सींचे—तब वह देश का
जिम्मेदार नागरिक बनता है। जल केवल जीवन नहीं है, यह पर्यावरण संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता का भी आधार है। यदि हम अब भी सचेत नहीं हुए, तो भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी केवल किताबों में पढ़ा
जाने वाला शब्द रह जाएगा।
लघुत्तरीय प्रश्न (7 अंक)
1.
भारत में
जल संकट क्यों बढ़ रहा है? (1 अंक)
2.
कथन (A):
जल का संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। (1 अंक)
कारण (R): क्योंकि सरकार अकेले जल बचाने में सक्षम नहीं है।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
3.
कथन (A):
बच्चों को जल संरक्षण की शिक्षा व्यावसायिक स्तर पर देनी
चाहिए। (1
अंक)
कारण (R): क्योंकि वे जल का कोई प्रयोग नहीं करते।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
4.
जल संकट
के प्रमुख कारण क्या हैं? (2 अंक)
5.
जल संकट
से निपटने के कुछ उपाय बताइए। (2 अंक)
बहुविकल्पीय प्रश्न (7 अंक)
1.
जल संकट
के लिए कौन-सा कारण उत्तरदायी नहीं है?
(क) जल का अपव्यय
(ख) टपक सिंचाई
(ग) जनसंख्या वृद्धि
(घ) वनों की कटाई
2.
जल का
सबसे अधिक उपयोग किस क्षेत्र में होता है?
(क) घरेलू
(ख) औद्योगिक
(ग) कृषि
(घ) ऊर्जा
3.
जल जीवन
मिशन का उद्देश्य क्या है?
(क) सबको सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना
(ख) रोजगार सृजन
(ग) वनों की सुरक्षा
(घ) बाँध निर्माण
4.
जल
संरक्षण की शिक्षा कहाँ से प्रारंभ होनी चाहिए?
(क) कॉलेज से
(ख) नौकरी के बाद
(ग) बचपन से
(घ) केवल ग्रामीण क्षेत्रों में
5.
भूजल
स्तर गिरने का एक मुख्य कारण क्या है?
(क) वर्षा अधिक होना
(ख) अत्यधिक दोहन
(ग) जल पुनर्चक्रण
(घ) पहाड़ों की बर्फ
6.
कथन (A):
जल केवल पेयजल के लिए आवश्यक है।
कारण (R): क्योंकि इसका कोई अन्य उपयोग नहीं होता।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
7.
कथन (A):
जल संकट को जन भागीदारी से हल किया जा सकता है।
कारण (R): क्योंकि लोग जल संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
विकल्प:
(क) A और R दोनों
सही हैं और R, A की सही
व्याख्या करता है।
(ख) A और R दोनों
सही हैं लेकिन R, A की सही
व्याख्या नहीं करता।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A और R दोनों
गलत हैं।
उत्तर कुंजी
लघुत्तरीय उत्तर:
1.
जल का
अनियंत्रित उपयोग, जनसंख्या
वृद्धि,
वनों की कटाई और भूजल का अत्यधिक दोहन।
2.
(क)
3.
(घ)
4.
शहरीकरण, जल अपव्यय, वनों
की कटाई,
योजना की कमी।
5.
वर्षा जल
संचयन,
जल पुनर्चक्रण, टपक सिंचाई, बच्चों में जागरूकता।
बहुविकल्पीय उत्तर:
1.
(ख)
2.
(ग)
3.
(क)
4.
(ग)
5.
(ख)
6.
(घ)
7. (क)