गंगा || कक्षा-09

यह वेबपेज NCERTकी नवीन पुस्तक ‘गंगा’ (Ganga Class 9 solution) पुस्तक के सभी अभ्यासों और गतिविधियों का हल प्रदान करती है। इसमें एक कार्यपुस्तिका भी शामिल है जो अतिरिक्त अभ्यास प्रदान करती है। हल और कार्यपुस्तिका दोनों स्पष्ट तरीके से लिखे गए हैं, और वे छात्रों को पाठ्यपुस्तक में शामिल अवधारणाओं को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

NCERT की नवीन पुस्तक ‘गंगा’ कक्षा 9 के छात्रों के लिए एक हिंदी की पाठ्यपुस्तक है। यह एक व्यापक पुस्तक है जिसमें व्याकरण, शब्दावली और समझ सहित हिंदी भाषा के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। पुस्तक में छात्रों को भाषा सीखने और अभ्यास करने में मदद करने के लिए विभिन्न प्रकार के अभ्यास और गतिविधियां भी शामिल हैं।

हल और कार्यपुस्तिका मुफ्त में डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध हैं। ये प्रिंट करने योग्य प्रारूप में भी उपलब्ध हैं, ताकि छात्र आसानी से इन्हें प्रिंट कर ऑफलाइन उपयोग कर सकें।

NCERT क्षितिज-01 के पाठों के नाम

  1. गद्य – खंड
    • दो बैलों की कथा – मुंशी प्रेमचंद
    • क्या लिखूँ? – पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
    • संवादहीन – शेखर जोशी
    • ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर का साक्षात्कार) – यतींद्र मिश्र
    • आख़िरी चट्टान तक – मोहन राकेश
    • रीढ़ की हड्डी – जगदीश चंद्र माथुर
    • मैं और मेरा देश – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
  2. काव्य – खंड
    • रैदास के पद
    • राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (रामचरितमानस से)
    • भारत जय-विजयी करे – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
    • घर की याद – भवानी प्रसाद मिश्र
    • झाँसी की रानी – सुभद्रा कुमारी चौहान
  3. व्याकरण –

पाठ 1 : दो बैलों की कथा

यह कहानी हीरा और मोती नाम के दो बैलों के माध्यम से पशु और मनुष्य के बीच के भावनात्मक संबंध को दर्शाती है। प्रेमचंद जी ने इसके जरिए स्वतंत्रता के महत्व और उसके लिए किए जाने वाले संघर्ष को रेखांकित किया है

पाठ 2 : क्या लिखूँ?

यह एक ललित निबंध है जिसमें लेखक ने निबंध लेखन की कला, विषय के चयन की दुविधा और मानसिक विचारों को शब्दों में पिरोने की चुनौती को बेहद रोचक और दार्शनिक अंदाज में प्रस्तुत किया है।

पाठ 3 : संवादहीन

आधुनिक समाज में बढ़ते अकेलेपन और इंसानी रिश्तों के बीच खत्म होते कम्यूनिकेशन (संवाद) पर आधारित एक मार्मिक कहानी। यह पाठ दिखाता है कि कैसे भौतिकता की दौड़ में लोग एक-दूसरे से कटते जा रहे हैं।

पाठ 4 : ऐसी भी बातें होती हैं

स्वर कोकिला लता मंगेशकर के इस साक्षात्कार में उनके संगीत के सफर, उनकी सादगी, संघर्ष और कला के प्रति समर्पण को दिखाया गया है। यह पाठ कला के प्रति आदर भाव जगाता है।

पाठ 5 : आख़िरी चट्टान तक

यह एक प्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत है जिसमें लेखक ने भारत के दक्षिणी छोर ‘कन्याकुमारी’ के प्राकृतिक सौंदर्य, समुद्र और सूर्यास्त के अद्भुत दृश्यों का जीवंत और सजीव वर्णन किया है।

पाठ 6 :रीढ़ की हड्डी

यह एक सशक्त सामाजिक एकांकी (नाटक) है जो समाज में लड़कियों की शिक्षा, उनके स्वाभिमान और विवाह के नाम पर होने वाले दिखावे पर करारा प्रहार करती है। यह नारी सशक्तिकरण का संदेश देती है।

पाठ 7 : मैं और मेरा देश

यह राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत निबंध है। लेखक ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया है कि एक नागरिक का व्यक्तिगत आचरण सीधे उसके देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है।

पाठ 8 : रैदास के पद

इन पदों में संत रैदास की अनन्य भक्ति और दास्य-भाव की अभिव्यक्ति है। प्रभु को चंदन और स्वयं को पानी मानकर वे आडंबरहीन, सच्चे प्रेम और समतावादी समाज की वकालत करते हैं।

पाठ 9 : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

सीता स्वयंवर में शिव धनुष टूटने के बाद परशुराम के क्रोध, लक्ष्मण के तार्किक व व्यंग्यपूर्ण वचनों और श्री राम की शीतलता का बेहद रोमांचक और नाटकीय काव्यात्मक वर्णन है।

पाठ 10 : भारत जय-विजयी करे

यह एक ओजपूर्ण राष्ट्रगीत है जिसमें महाकवि निराला ने भारत माता की वंदना की है और देश के गौरव, संस्कृति तथा स्वतंत्रता की वेदी पर सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा दी है।

पाठ 11: झाँसी की रानी

यह हिंदी साहित्य की सबसे लोकप्रिय वीर रस की कविताओं में से एक है। इसमें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, वीरता और अंग्रेजों के खिलाफ उनके ऐतिहासिक संघर्ष की गाथा है।

पाठ 12 : घर की याद

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल में बंद कवि को सावन की बारिश देखकर अपने परिवार की याद आती है। कविता में घर के सदस्यों के प्रति गहरा स्नेह और देश के लिए त्याग की भावना है।

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