कक्षा 10 अपठित काव्यांश — नए बोर्ड प्रारूप के अनुसार (24 काव्यांश, हल सहित)
अपठित काव्यांश कितने अंक का और कैसे प्रश्न CBSE के वर्तमान पाठ्यक्रम (हिंदी ‘अ’, कोड 002) में खंड ‘क’ — अपठित बोध 14 अंक का है: एक अ...
टेस्ट उपलब्धकुल 12 लेख — विषय के अनुसार नीचे सूचीबद्ध हैं।
अपठित काव्यांश कितने अंक का और कैसे प्रश्न CBSE के वर्तमान पाठ्यक्रम (हिंदी ‘अ’, कोड 002) में खंड ‘क’ — अपठित बोध 14 अंक का है: एक अ...
टेस्ट उपलब्धअलंकार को आसान भाषा में समझें जैसे गहने (आभूषण) पहनने से व्यक्ति की सुंदरता बढ़ जाती है, वैसे ही कुछ खास शब्दों और अर्थों के प्रयोग से कविता या वाक्य की सुंद...
टेस्ट उपलब्धसमास को आसान भाषा में समझें रोज़ की बोलचाल में हम लंबी बात को छोटा करके बोलते हैं। “राजा का पुत्र” कहने की जगह हम राजपुत्र कह देते हैं, “रसोई के लिए घर” की ज...
टेस्ट उपलब्धसंधि क्या है? संधि शब्द का अर्थ है — मेल या जोड़। जब दो शब्द पास-पास आते हैं, तो पहले शब्द का अंतिम वर्ण और दूसरे शब्द का पहला वर्ण आपस में मिल जाते हैं। इस...
टेस्ट उपलब्धअपठित गद्यांश का उद्देश्य मूल्यांकन हेतु अपठित गद्यांश दिए जाने का अर्थ है- विद्यार्थियों का भाव या भाषा-बोध संबंधी ज्ञान का पता लगाना। अर्थात यह जानना कि छा...
उपसर्गों की तरह 'प्रत्यय' भी भाषा की लघुतम अर्थवान इकाइयाँ हैं, जो शब्द के अंत में लगकर नए-नए शब्द बनाते हैं। उपसर्गों की तरह इनका भी अपना अर्थ होता है और इन...
टेस्ट उपलब्धभाषाओं में शब्द कैसे बनते हैं, कभी आपने सोचा है? हर भाषा में नई-नई संकल्पनाओं के लिए नए-नए शब्द बनाए जाते है। भाषा में नई-नई संकल्पनाएँ आती रहती हैं और हम उन...
टेस्ट उपलब्ध‘अपठित’ यह शब्द ‘अ’ उपसर्ग, ‘पठ्’ धातु और ‘इत’ प्रत्यय से मिलकर बना है। 'अपठित' शब्द का अर्थ है- जो कभी पढ़ा न गया हो। काव्यांश - काव्य+अंश (काव्य का भाग), अपठित काव्यांश काव्यों के वे अंश हैं जो पाठ्यपुस्तक से संबंधित नहीं होते हैं।
‘अपठित’ यह शब्द ‘अ’ उपसर्ग, ‘पठ्’ धातु और ‘इत’ प्रत्यय से मिलकर बना है। 'अपठित' शब्द का अर्थ है- जो कभी पढ़ा न गया हो। काव्यांश - काव्य+अंश (काव्य का भाग), अ...
"क्रियाजनकत्वं कारकत्वम्" अथवा "क्रियान्वयि कारकम्" अर्थात् वाक्य में जिसका क्रिया के साथ सीधा अन्वय (सम्बन्ध) होता है अथवा जो क्रिया की सिद्धि में सहायक होत...
टेस्ट उपलब्धधातु रूप संस्कृत व्याकरण में क्रिया के मूल रूप को 'धातु' कहते हैं (जैसे— पठ्, गम्, भू, अस्
टेस्ट उपलब्ध1. आधारभूत संकल्पनाएँ: लिङ्ग, वचन और कारक-विभक्ति संबंध संस्कृत में तीन लिङ्ग होते हैं: 1. पुल्लिङ्ग: पुरुष जाति का बोध कराने वाले शब्द (जैसे— बालकः, मुनिः,...
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